न्यूज़ अरोमा कोडरमा: सरकार स्तर से धान क्रय के लिए अब तक समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
जिले में किसानों का निबंधन भी अधर में ही लटका हुआ है।
ऐसे में किसानों के सामने बिचौलियों के हाथ धान बेचने के अलावा अन्य कोई उपाय नहीं है और वे खलिहानों में ही औने पौने दाम पर धान बेच रहे हैं।
जिले के सतगावां, मरकच्चो व जयनगर प्रखंड के अधिकतर गांवों में ऐसी ही स्थिति है। जिले के अन्य हिस्सों में भी धान खरीदार किसानों के खलिहान में चक्कर काट रहे हैं।
खरीदार धान लेकर ट्रकों से दूसरे शहर व राज्य ले जा रहे हैं।
सरकार स्तर से पूर्व में 2000 रुपये प्रति क्विटल धान क्रय की घोषणा की गई थी, इसे लेकर किसानों में उत्साह भी दिखा था। लेकिन अब धीरे-धीरे उनका उत्साह ठंडा पड़ गया।
किसानों को धान बेचकर रबी फसल की भी तैयारी करनी है। यह तभी संभव हो सकेगा, जब समय पर धान की बिक्री हो सके। ऐसे इस बार अच्छी बारिश के कारण धान की पैदावार भी अच्छी हुई है।
जिले में धान क्रय के लिए 19 पैक्सों का चयन भी किया गया है।
इस बार लक्ष्य बढ़ाते हुए एक लाख क्विंटल धान की खरीदारी का लक्ष्य भी निर्धारित है।
लेकिन जिले में धान क्रय अबतक शुरू नहीं हो पा रहा है।
मरकच्चो प्रखंड में सरकारी दर पर धान क्रय नहीं होने से किसान 10-11 सौ रुपये प्रति क्विंटल धान की बिक्री कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अब तक पैक्स में धान की अधिप्राप्ति शुरू नहीं हो सकी है।
इससे किसानों को सस्ते दरों पर धान की बिक्री करनी पड़ रही है।
अभी के समय में दूसरी फसल लगाने के लिए किसानों को पूंजी की जरूरत पड़ती है।
हालांकि वे मानते हैं कि बिचौलियों के हाथों धान की बिक्री करने से किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। परंतु इसके अलावा किसानों के पास और कोई विकल्प भी नहीं है।
यदि समय पर धान की खरीदारी शुरू हो जाती तो सरकार द्वारा निर्धारित दर से धान बिक्री करने पर किसानों को फायदा होता। स्थिति ऐसी है कि बिचौलिए खलिहानों में ही पहुंच कर धान खरीदी कर रहे हैं।
इधर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मरकच्चो असफाक आलम ने बताया कि अभी किसानों के पंजीकरण का कार्य चल रहा है। इस प्रक्रिया के बीच आदेश आते ही धान क्रय शुरू कर दिया जाएगा।