किसानों का ट्रैक्टर मार्च हिंसक और बेकाबू, FIR दर्ज होना अब तय

News Aroma Media
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नई दिल्ली: किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान आज दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए सारे इंतजाम बौने नजर आए। राजधानी में विभिन्न स्थानों पर पुलिस के सुरक्षा बैरिकेड को तोड़ते हुए किसानों ने उपद्रव किया और आगे बढ़ेत रहे।

गाजीपुर की तरफ से आ रहे किसान जहां नई दिल्ली के इलाके तक पहुंच गए वहीं सिंघु बॉर्डर से आ रहे किसान बुराड़ी और जहांगीरपुरी तक पहुंच गए।

टिकरी बॉर्डर के किसान भी नांगलोई पर बैरिकेड तोड़ रोहतक रोड की तरफ बढ़ गए।

हालांकि, दिल्ली पुलिस की तरफ से किसानों को ट्रैक्टर परेड के लिए तीन रूट दिए गए थे लेकिन उन्होंने इन रूट से अलग हटकर अपनी ट्रैक्टर रैली निकाली।

पुलिस के बैरिकेड तोड़ने से लेकर उनके साथ जगह-जगह हाथापाई और पथराव करते हुए भी किसान नजर आए।

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पुलिस किसानों की भीड़ के सामने बड़ा संयम बरता।

उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से जो बैरिकेट्स और बसें सड़क पर किसानों को रोकने के लिए खड़े किए थे, उन सभी को ट्रैक्टर से तोड़ते हुए किसान लगातार आगे बढ़ते गए।

सबसे अधिक उग्र प्रदर्शन सिंघु बॉर्डर से रवाना हुए किसानों द्वारा किया गया है। इसके साथ ही गाजीपुर की तरफ से आ रहे किसानों ने भी जमकर उत्पात मचाया।

लाल किला परिसर में उत्पात

पूर्वी दिल्ली की तरफ से आ रहे किसानों ने लगातार पुलिस के सुरक्षा बैरिकेड व अन्य इंतजामों क्षतिग्रस्त करते हुए आईटीओ की तरफ रुख किया।

दोपहर करीब एक बजे वह आईटीओ पर पहुंच गए थे और यहां से उन्होंने लाल किले की तरफ अपने ट्रैक्टर मोड़ लिये।

हजारों की संख्या में लोग लाल किले पर पहुंच गए और वहां पर नारेबाजी करते रहे।

दिल्ली में ऐसा पहली बार हुआ, जब पुलिस द्वारा किए गए सभी इंतजामों की धज्जियां उड़ाते हुए किसान आगे बढ़ते चले गए।

पुलिस ने दिल्ली में 100 से ज्यादा इलाकों में उन्हें रोकने के लिए बेरिकेड के अलावा बस, डंपर, क्रेन आदि को तैनात किया था, लेकिन किसानों की भीड़ और ट्रैक्टरों की संख्या के सामने ये इंतजाम अपर्याप्त साबित हुए।

एफआईआर दर्ज होना अब तय

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो किसानों की बड़ी संख्या के चलते उन्हें  कई स्थानों पर पीछे हटना पड़ा।

वहां से अगर पुलिस के जवान नहीं हटते तो किसान उन पर हमला कर सकते थे।

किसानों ने उग्रता दिखाते हुए तोड़फोड़ की। इसे लेकर पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी।

माना जा रहा है कि किसान नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी।

इसमें सरकारी काम में बाधा पहुंचाना, सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के अलावा दंगे की धारा भी जोड़ी जा सकती है।

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