खेत-खेती, किसान की है न कि कॉर्पोरेट की

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समस्तीपुर: भाकपा (माले) पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य राजाराम सिंह ने यहां मंगलवार को कहा कि खेत-खेती, किसान की है न कि कॉर्पोरेट की।

किसानों को लागत का 50 प्रतिशत से अधिक मूल्य देने की गारंटी करने और पहले से किसानों के हित में बनाए गए कानून को और मजबूत करने के बदले तीन काले कानून थोपना चाहती है।

बिहार के समस्तीपुर के विभूतिपुर प्रखंड में भाकपा-माले द्वारा पार्टी संगठन विस्तार और बिहार राज्य में भाकपा (माले) लिबरेशन की नई जवाबदेही विषय पर आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य वक्ता राजाराम सिंह ने घोषणा की कि किसानों के दिल्ली में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले 29 दिसंबर को राजभवन मार्च किया जाएगा।

पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा ने कहा कि रामदेव वर्मा और मंजू प्रकाश,अजय कुमार सहित सैकड़ों कार्यकताओं के शामिल होने से भाकपा-माले नए तेवर के साथ आगे बढ़ेगी और जनता की उम्मीदों की सबसे मजबूत कम्युनिस्ट पार्टी बनेगी।

विभूतिपुर विधानसभा से छह बार विधानसभा सदस्य रहे माकपा नेता रामदेव वर्मा ने कहा कि किसान और मजदूरों की एकता को मजबूत करने से ही फासीवादी ताकतों को कमजोर किया जा सकेगा।

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सेमिनार को पूर्व विधायक मंजू प्रकाश, लोकयुद्ध के सह संपादक संतोष सहर, राज्य स्थायी कमेटी सदस्य बैजनाथ यादव सहित कई लोगों ने संबोधित किया। सेमिनार की अध्यक्षता सुशील कुमार और शंकर प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से की।

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