मणिपुर की हिंसा में फंसी गढ़वा की बेटी, UP की एक और बिहार की दो छात्राएं भी…

हॉस्टल में खाने-पीने का स्टॉक कम है, इसलिए दिन भर में एक बार ही खाना मिल रहा है। प्रियांशु के माता-पिता ने राज्य सरकार और प्रशासन से अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है

News Desk
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गढ़वा : पिछले कुछ दिनों से मणिपुर हिंसा (Manipur Violence) की आग में झुलस रहा है। तमाम लोगों को सुरक्षित (Safely) वहां से निकाला गया है।

खबर आ रही है कि गढ़वा थाना (Garhwa Police Station) क्षेत्र के संध्या गांव के महेंद्र मेहता की 20 साल की बेटी प्रियांशु पायल वहां फंसी हुई है।

उसने हजारीबाग के MP के PA को मैसेज कर अपनी सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। उसने जाने- पहचाने अन्य लोगों को भी मैसेज दिया है। हॉस्टल में रहकर NIT मणिपुर से वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है।

सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार

प्रियांशु ने मैसेज में बताया है कि उसके Hostel में कुल 40 बच्चियां थीं। उनमें झारखंड (Jharkhand), UP, बिहार, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा की छात्राएं थीं।

36 छात्राएं वहां से निकल गई हैं। अब हॉस्टल में केवल चार छात्राएं हैं। उनमें बिहार (Bihar) की दो, झारखंड की प्रियांशु और एक UP की एक छात्रा है। उसने बताया कि अन्य राज्यों की सरकार ने छात्राओं की वापसी की पहल की तो वे अपने घर चली गई हैं।

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हॉस्टल में खाने-पीने का स्टॉक कम है, इसलिए दिन भर में एक बार ही खाना मिल रहा है। प्रियांशु के माता-पिता ने राज्य सरकार और प्रशासन से अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है।

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