जनसंघ से भाजपा की विकास यात्रा में राजनीति के केंद्र में है राष्ट्र सेवा, बाबूलाल ने…

मरांडी ने कहा कि भारत को इसके प्राचीन संस्कृति, गौरवशाली अतीत को पुनः प्रतिस्थापित कर देश को पुनः विश्व गुरु के पद पर आसीन करने के साथ जनसंघ और फिर भाजपा की स्थापना हुई

News Aroma Media
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Giridhi Babulal Marandi: BJP प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने मंगलवार को गिरिडीह में जिला के पंचायत समिति सदस्यों के प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन किया।

उद्घाटन सत्र (Opening Session) को संबोधित करते हुए मरांडी ने पार्टी के इतिहास विकास, संकल्प, प्रतिबद्धता जैसे आयामों पर विस्तार से चर्चा की।

मरांडी ने कहा कि भारत को इसके प्राचीन संस्कृति, गौरवशाली अतीत को पुनः प्रतिस्थापित कर देश को पुनः विश्व गुरु के पद पर आसीन करने के साथ जनसंघ और फिर भाजपा की स्थापना हुई।

उन्होंने कहा कि जनसंघ से लेकर भाजपा की विकास यात्रा में पार्टी की राजनीति के केंद्र में राष्ट्र सेवा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि भाजपा की पंच निष्ठाओं में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, लोकतंत्र,गांधीवादी समाजवाद,सर्व धर्म समभाव और मूल्य आधारित राजनीति समाहित है।उन्होंने कहा कि एकात्म मानव दर्शन के साथ हमारा संकल्प अंत्योदय है। विश्व बंधुत्व के भाव से भारत विश्व के कल्याण के लिए समर्पित है।

मरांडी ने कहा कि भाजपा जो कहती है, वह करती है। हमने विचारों से कभी समझौता नहीं किया। स्वतंत्र भारत में राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए पहला बलिदान पार्टी के प्रेरणा पुरुष और जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का हुआ।

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जनसंघ ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी पहचान तक मिटा दी

दो विधान, दो निशान, दो प्रधान के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए डॉ मुखर्जी (Dr Mukherjee) ने जम्मू कश्मीर में अपनी गिरफ्तारी दी जहां जेल में एक षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या कर दी गई।

उन्होंने कहा कि भले ही उस वक्त हमारा जनाधार बड़ा नहीं था लेकिन हमारा संकल्प भारत की जन भावनाओं के अनुरूप था। राष्ट्र सेवा के प्रति हमारी वैचारिक प्रतिबद्धता मजबूत थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा देश पर थोपे गए आपातकाल (Emergency) में जनसंघ ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी पहचान तक मिटा दी। तुष्टिकरण की राजनीति ने देश का बड़ा नुकसान किया है।

देश का विभाजन भी कांग्रेस की तुष्टिकरण का ही परिणाम था। भाजपा ने अपने मौलिक चिंतन में तुष्टिकरण नहीं, बल्कि सर्वपंथ समभाव को अपनाया है। आज भी भाजपा की चाहे केंद्र की सरकार हो या राज्य की योजनाओं के क्रियान्वयन में धर्म पंथ के आधार पर कोई भेद भाव नहीं किए जा रहे।

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