झारखंड में यहां एक काॅलेज के लिपिक का ऑडियो वायरल क्या हुआ ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान

News Aroma Media
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गोड्डा: कई बार छोटी-छोटी बातें आदमी के दिल में घर कर जाती हैं। मानसिक दबाव में आकर आदमी भला-बुरा सोचने-समझने की शक्ति खो देता है और फिर कुछ ऐसा कर जाता है कि वापसी का कोई चांस ही नहीं बचता।

जी हां, गोड्डा काॅलेज में लिपिक के पद पर कार्यरत 55 वर्षीय बालमुकुंद दुबे के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, जहां सोशल मीडिया उन उनका ऑडियो वायरल हो गया और इससे परेशान होकर उन्होंने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली।

शुक्रवार की सुबह उनकी लाश रेलवे ट्रैक पर मिली। पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। मामले की तहकीकात में पुलिस जुट गई है।

एसपी ने कही यह बात

एसपी वाइएस रमेश ने बताया कि गोड्‌डा में एक आत्महत्या का मामला सामने आया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। मरने वाले की पहचान बालमुकुंद दुबे के रूप में की गई है।

जांच के बाद ही आत्महत्या के सही कारणों की जानकारी मिल सकेगी। पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है।

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क्या है मामला

मामले में स्थानीय लोगों ने बताया कि मरने वाले व्यक्ति की उम्र करीब 55 वर्ष थी। इसी बीच कुछ दिनों पहले उसका एक कथित ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया गया।

इसमें वह कॉलेज में दाखिले के लिए आई एक लड़की की मां से बात कर रहा था। इस कारण वह सदमे में आ गया था। पिछले कुछ दिनों से किसी से बातचीत भी नहीं कर रहा था।

ऑडियो आने के बाद लिपिक और उसकी पत्नी ने थाने में एफआइआर भी दर्ज कराई थी। इसमें ब्लैकमेल करने के लिए उसे गलत आरोप में फंसाने की बात कही गई थी।

इस विवाद को लेकर कॉलेज में काफी हंगामा हो रहा था। छात्र नेता लिपिक को बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे। इससे वह काफी परेशान था।

क्या कहते हैं काॅलेज के कर्मचारी

घटना की सूचना मिलने के बाद पीड़ित परिवार को सांत्वना देने कॉलेज के शिक्षक व कर्मचारी पहुंचे। लोगों का कहना था कि दुबे को बदनाम किया गया था।

वह बेहद सरल स्वभाव का व्यक्ति था। सबके सुख.दुख में शामिल होता था। परेशानी में फंसे छात्र.छात्राओं की व्यक्तिगत स्तर पर मदद भी करता था।

कहते हैं मनोवैज्ञानिक

मामले में मनोवैज्ञानिक पीयूष कुमार मिश्र का कहना है कि कई बार छोटी.छोटी बातें मानसिक अवस्था पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। लोग अपने सोचने व समझने की शक्ति खो देते हैं।

ऐसे हालात में व्यक्ति के व्यवहार में काफी परिवर्तन होता है। वह भावनाओं में आकर कभी भी कोई कदम उठा सकता है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही लग रहा है।

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