पथरीले रास्ते पर पैदल चलकर राज्यपाल रमेश बैस पहुंचे उलूंग जलप्रपात

News Aroma Media
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खूंटी: जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल (Tourist Spot) पेरवाघाघ जल प्रपात (Perwaghagh Falls) और आसपास की प्राकृतिक छटा से राज्यपाल (Governor) रमेश बैस (Ramesh Bais) इस कदर प्रभावित हुए कि वे खूंटी (Khuti) जिले के एक अन्य पर्यटन स्थल (Tourist Spot) उलूंग जल प्रपात को निहारने से खुद को रोक नहीं सके।

राज्यपाल रमेश बैस परिवार (Governor Family) के साथ सोमवार को रनिया प्रखंड क्षेत्र के घोर नक्सल प्रभावित दक्षिणी कोयल नदी के उलुंग जलप्रपात पहुंच गये। अपने स्वजनों के साथ राज्यपाल पथरीले रास्ते पर लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य झरना स्थल तक पहुंचे।

पथरीले रास्ते पर पैदल चलकर राज्यपाल रमेश बैस पहुंचे उलूंग जलप्रपात - Governor Ramesh Bais reached Ulung Falls by walking on rocky path

राज्यपाल हुए अभिभूत

पत्थरों से टकराती कोयल नदी की कलकल करती धारा को देखकर राज्यपाल (Governor) अभिभूत नजर आये। उनके स्वजनों ने मुख्य झरना के गिरती धारा से खूब मस्ती की और तैराकी का लुत्फ उठाया।

राज्यपाल ने मुख्य झरना (Water Fall) सहित पूरे परिसर में घूम-घूमकर जलप्रपात को सराहा। जलप्रपात पहुंचने पर राज्यपाल का स्वागत दाहू पंचायत के मुखिया रीमिक्स कंडुलना तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों (Public Representatives) ने मुंडारी भाषा में पारंपरिक स्वागत गीत गाकर किया ।

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उबड-खाबड रास्ते पर बहते नाले के कारण राज्यपाल की कार जलप्रपात (Waterfall) तक नहीं पहुंच सकी। राज्यपाल ने खूंटी के उपायुक्त शशिरंजन से जलप्रपात से जुड़ी बातों की जानकारी ली। राज्यपाल के आगमन को लेकर विधि व्यवस्था की व्यवस्था काफी दुरुस्त थी।

खूंटी SP अमन कुमार अनुमंडल पदाधिकारी खूंटी (Khuti) अनिकेत सचान,अभियान SP रमेश कुमार, SDPO तोरपा ओमप्रकाश तिवारी, सर्किल इंस्पेक्टर (Circle Inspector) दिग्विजय सिंह, पंचायती राज पदाधिकारी उषा मुंडू के साथ पुलिस अवर निरीक्षक जितेंद्र कुमार यादव, पंकज कुमार, सत्यजीत कुमार, संदीप कुमार, रोशन कुमार सहित जिले के कई छोट- बड़े अधिकारी पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे।

पथरीले रास्ते पर पैदल चलकर राज्यपाल रमेश बैस पहुंचे उलूंग जलप्रपात - Governor Ramesh Bais reached Ulung Falls by walking on rocky path

पहाड़ों की वादियां हैं आकर्षण का केंद्र

मणि और सहाय दो पहाड़ियों के बीच से बड़े पथरो और छोटे चट्टानों के मध्य रास्ता तलास कर बहती कोयल नदी (Koyal River) सैलानियों को बरबस ही अपनी ओर खींच लेती हैं।

सैलानी कहते हैं कि आप कश्मीर और उत्तराखंड (Uttarakhand) के पहाड़ों की वादियां में घूमने का आनंद लेना चाहते हैं तो उलुंग जकार इस हसरत को पूरा किया जा सकता है।

कल-कल करते छोटे छोटे झरने और सैकड़ों की संख्या में पत्थरों से टकराती जलधारा की मनमोहक आवाज पर्यटकों (Tourists) को गजब का सुकून देती हैं।

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