गुमला के कृष्णा महली का पार्थिव शरीर तमिलनाडु से हुआ रवाना

News Desk
3 Min Read

गुमला: उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा के निर्देशानुसार श्रम अधीक्षक एवं राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के संयुक्त प्रयास से सदर प्रखंड के चरकाटांगर जामटोली निवासी स्वर्गीय कृष्णा महली (30) का पार्थिव शव तमिलनाडु के तिरुपुर जिले से गुमला जिले के लिए रवाना हो चुका है।

सदर प्रखंड के चरकाटांगर जामटोली निवासी कृष्णा महली की विगत दो फरवरी को तमिलनाडु में मौत हो गई थी। कृष्णा महली के आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय होने के कारण उनका परिवार कृष्णा के पार्थिव शरीर को तमिलनाडु से गुमला लाने में असमर्थ था।

परिवार द्वारा राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष एवं जिला प्रशासन से मृतक के पार्थिव शरीर को तमिलनाडु से वापस गुमला लाने की गुहार लगाई गई थी।

इसके साथ ही डॉ.रामेश्वर उरांव के समक्ष भी परिवार के द्वारा आवेदन समर्पित कर पार्थिव शरीर को गुमला वापस लाने का अनुरोध किया गया था।

इसपर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने उक्त मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए श्रम अधीक्षक एतवारी महतो को पार्थिव शरीर को गुमला लाने हेतु निर्देशित किया था।

- Advertisement -
sikkim-ad

इसके पश्चात् श्रम अधीक्षक द्वारा राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के सहयोग से कंपनी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मृतक के पार्थिव शरीर को गुमला वापस लाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी।

उल्लेखनीय है कि मृतक कृष्णा महली के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय होने के कारण कृष्णा तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में सुलोचना कॉटन स्पिनिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड में मजदूरी करते थे।

कंपनी में कुल पांच लोग हैं, जो विगत आठ साल से वहां काम कर रहे थे। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से उनके परिजनों द्वारा मृतक कृष्णा महली के शव को वापस झारखंड लाने का अनुरोध किया गया था।

कंपनी के एचआर और ठेकेदार ने बताया कि कृष्णा महली की मौत विगत दो फरवरी, 2022 को बाथरूम में गिरने के बाद हुई थी। लेकिन उसका पोस्टमार्टम नहीं किया गया।

उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा के निर्देशानुसार राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष की टीम ने पल्लादम थाने के एएसआई से संपर्क किया और कंपनी के एचआर की देखरेख में पोस्टमार्टम कराया गया।

इसके पश्चात् जिला प्रशासन एवं श्रम अधीक्षक के सहयोग से कंपनी द्वारा उनके शव को झारखंड लाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।

वहीं कंपनी द्वारा उनके अंतिम संस्कार के लिए 40,000, सड़क खर्च 10,000 तथा मजदूरी राशि 09 हजार, कुल 59000 रुपये की राशि का भुगतान उनके भतीजे पवन महली को किया गया।

कृष्णा महली का शव उनके चार साथियों के साथ चार फरवरी की शाम पांच बजे एंबुलेंस के माध्यम से तमिलनाडु से रवाना हो गया है।

Share This Article