रांची में वैक्सीनेशन को लेकर बोले हेल्थ मिनिस्टर-सबसे पहले मैं लगवाऊंगा टीका, विभाग का कप्तान होने के नाते स्वास्थ्य कर्मी के मन का संकोच दूर करना मेरा कर्तव्य

News Aroma Media
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रांची: झारखंड के हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता ने कहा कि 16 जनवरी को कोविड का पहला टीका वे लगवाएंगे।

उन्होंने कहा कि हालांकि स्वास्थ्य कर्मियों ने कोविड के दौरान हर डर को त्याग कर अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिसका नतीजा है कि झारखंड कोविड से लड़ने में सक्षम रहा है। मंत्री अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।

कहा कि विभाग का कप्तान होने के नाते मेरा ये दायित्व है कि अगर किसी भी स्वास्थ्य कर्मी के मन में जरा सा भी डर है तो मैं उसे दूर कर दूं।

हेल्थ मिनिस्टर ने कहा कि बुधवार को वैक्सीन की पहली खेप आई है। 15 दिन बाद दूसरी खेप झारखंड आएगी।

आर्मी जवानों का टीकाकरण भी पहले चरण में

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मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि पहली खेप में कोवीशील्ड के 1.62 लाख डोज झारखंड को दिया गया है।

इनमें 1.31 लाख वैक्सीन चिन्हित हेल्थ वर्कर्स को दी जाएंगी। इसके अलावा बाकी बचे 35 हजार डोजेज आर्मी के जवानों को दिए जाएंगे। ये रामगढ़ और रांची के नामकुम स्थित सेना के कैंपों में उनकी जरूरत के हिसाब से भेजे जाएंगे।

आज से सभी जिलों में भेजी जाएगी वैक्सीन

हेल्थ मिनिस्टर ने बताया कि बुधवार से ही हर जिले में वैक्सीन पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए डीसी और सिविल सर्जन को निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि वैक्सीन को 2-8 डिग्री सेल्सियस टेंप्रेचर के बीच रखना है।

इसे रखने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि 28 दिन बाद वैक्सीन का दूसरा डोज दिया जाएगा।

इसके साथ दूसरे फेज में ढाई लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स और तीसरे फेज के लिए 70 लाख लोगों को चिन्हित किया गया है।

प्राइवेट हॉस्पिटल मामले में अभी निर्णय नहीं

कोविड के इलाज के दौरान बाद में प्राइवेट हॉस्पिटल को भी शामिल किया गया था।

इसी तरह अगर वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में जनहित के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल में इसे शुरू करने की जरूरत होगी तो इस पर गंभीर चर्चा और चिंतन के साथ निर्णय लिया जाएगा। अभी इस पर कुछ भी कहना सही नहीं होगा।

वैक्सीन की प्रमाणिकता टटोलना जरूरी

इसे हम न राजनीति के चश्मे से देखेंगे और न राजनीति की बात करेंगे। बस स्वास्थ्य की दृष्टि से देखेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि लोगों को प्रयोगशाला का चूहा न बनाएं। दो व्यावसायिक संस्थानों के बीच वैक्सीन को लेकर प्रतिद्वंद्वता है।

दोनों एक-दूसरे के बारे में अलग-अलग बातें कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री के

नाते मेरा फर्ज है कि इसकी प्रमाणिकता को विश्वसनीय बनाएं।

केंद्र की गाइडलाइन का किया जाएगा पालन

सेकेंड फेज में कोवीशील्ड भेजी जाएगी या कोवैक्सीन ये केंद्र सरकार की तरफ से तय किया जाएगा।

अभी फिलहाल इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। जो भी गाइडलाइन केंद्र से प्राप्त होगी या मुख्यमंत्री का दिशा-निर्देश होगा, उसी के हिसाब से स्वास्थ्य विभाग काम करेगा।

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