न्यूज़ अरोमा देवघर: चिकित्सकों की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है।
अस्पताल में हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराने पहुंचे युवक की चिकित्सकों ने नसबंदी कर डाली।
यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जी हां यहां हीरा राणा नाम के मरीज हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराने आए और नसबंदी कर दी गयी।
इस मामले का पर्दाफाश देवघर जिला के सारवां प्रखंड में हुआ है। घटना सारवां पीएचसी का है।
जानकारी के अनुसार सारवां प्रखंड के मंझलाडीह गांव निवासी हीरा राणा पीएचसी में हाइड्रोसिल का ऑपरेशन कराने आये थे।
शादी भी नहीं हुई है
उन्होंने कहा है कि वे दृष्टिबाधित हैं इसलिए उनके साथ नाजायज फायदा उठाकर उनकी नसबंदी कर दी गई और इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। पीड़ित ने बताया कि उनकी शादी भी नहीं हुई है।
ऐसी स्थिति में बिना जानकारी के पुरुष नसबंदी किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। हरि ने इस संबंध में जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित के भाई आनंद कुमार ने बताया कि वे उनके साथ गए थे और हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराना था।
लेकिन बाद में पता चला कि उनकी नसबंदी कर दी गई है। उन्होंने संबंधित चिकित्सक पर जबरन बिना जानकारी दिए एनएसबी करने का आरोप लगाया है।
इधर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सीएससी प्रभारी डॉ सुनील कुमार सिंह ने कहा है कि उनकी सहमति से बांड भरने के बाद उनका हाइड्रोसील व एनएसबी किया गया है। सारा आरोप निराधार है।
कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने को लेकर इस मामले को तूल दे रहे हैं।
ऑपरेशन के पूर्व मरीज की सहमति एवं उनके गार्जियन की गवाही के बाद ही ऑपरेशन किया जाता है। सबूत के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका बॉन्ड पेपर रखा हुआ है।
रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर की जाएगी कार्यवाई
हीरा राणा नेत्रहीन है। हीरा राणा का आरोप है कि सारवां पीएचसी में चिकित्सकों ने हाइड्रोसील के बदले नसबंदी का ऑपरेशन कर दिया।
मरीज इस शिकायत को लेकर जब अस्पताल गया तो कर्मियों ने उल्टे डांट-डपट कर भगा दिया।
न्याय मिलते नहीं देख मरीज फरियाद लेकर अब इधर उधर भटक रहा है।
मामले की जानकारी देवघर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को मिलने पर उन्होंने कार्यवाई की बात कही है। उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी जा रही है।
रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर कार्यवाई की जाएगी।