विद्यार्थियों के मूल प्रमाण पत्र नहीं दे रहा विभावि, हंगामे से कोई प्रभाव नहीं…

अभ्यर्थियों के आवेदन के बावजूद विश्वविद्यालय उन्हें मूल प्रमाण पत्र नहीं दे रहा है। बताया जा रहा है कि ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 500 है

News Aroma Media
2 Min Read

Hazaribagh Eligibility Test Pass: प्लस टू शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्रों (Original Certificates) की जांच 25 दिसंबर से होनी है।

अभ्यर्थियों के आवेदन के बावजूद विश्वविद्यालय उन्हें मूल प्रमाण पत्र नहीं दे रहा है। बताया जा रहा है कि ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 500 है।

विद्यार्थियों ने किया हंगामा

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय हमारे भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। 25 दिसंबर से मूल प्रमाण पत्रों की जांच होनी है। मूल प्रमाण पत्र रहेगा ही नहीं तो जांच क्या कराएंगे।

विभावि ने ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने के बाद भी मूल प्रमाण पत्र नहीं दे पाया। इसे लेकर गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी विभावि में भारी हंगामा हुआ। विभावि प्रबंधन सितंबर और अक्टूबर तो छोड़िए मार्च और अप्रैल माह में मूल प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने वाले अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र नहीं दे सका।

23 दिसंबर से यूनिवर्सिटी में है छुट्टी

23 दिसंबर से विभावि में छुट्टी है। प्रभारी कुलपति 22 दिसंबर से छुट्टी पर चली गईं। छुट्टी पर चले जाने के कारण विभावि में छात्रों को प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया जहां थी, वहीं रुक गई।

- Advertisement -
sikkim-ad

देर शाम तक विभावि द्वारा छात्रों का गुस्सा और भविष्य को देखते हुए पत्र जारी कर मैनेज करने का प्रयास किया जाता रहा। जानकारी के अनुसार विभावि द्वारा अभ्यर्थियों को एक पत्र दिया जा रहा है, जिसमें विभावि की ओर से अंडरटेकिंग दिया जा रहा है कि 10 जनवरी तक सभी के प्रमाण पत्र वह दे पाएगा।

पूर्व NSUI के जिलाध्यक्ष सह युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश यादव (Prakash Yadav) के दबाव में देर रात परीक्षा नियंत्रक ने पत्र की बावत संबंधित विभाग को मेल भेजकर भी इस आशय की जानकारी दी। फिर छात्र सशंकित हैं। ऐसे में कई सवाल विभावि पर खड़ा हो गया है। समाचार लिखे जाने तक सैकड़ों छात्र विभावि के काउंटर पर जमे हुए थे।

Share This Article