कोरोना महामारी से उबरने के बाद अभी भी अनेक लोग जी रहे हैं चिंता और अवसाद में

कोरोना महामारी ने दुनिया को तबाह कर दिया था। इसकी चपेट से दुनिया उबर तो गई लेकिन लोगों को उस वायरस का खौफ अब तक सता रहा है।

News Aroma
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Fear of Corona virus is Still Haunting: कोरोना महामारी ने दुनिया को तबाह कर दिया था। इसकी चपेट से दुनिया उबर तो गई लेकिन लोगों को उस वायरस का खौफ अब तक सता रहा है।

दूसरे शब्दों में यह कह लें कि कोरोना वायरस (Corona Virus) लोगों के दिमाग में इस तरह छिपकर बैठा है कि महामारी के तीन साल बाद भी लोग अवसाद और चिंता जैसे हालातों से जूझ रहे हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (University of Oxford) के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में यह खुलासा किया है।

कोरोना महामारी से उबरने के बाद अभी भी अनेक लोग जी रहे हैं चिंता और अवसाद में 

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की स्टडी से हुआ हकीकत का खुलासा

After recovering from the Corona epidemic, many people are still living with anxiety and depression.

शोध के अनुसार, महामारी की शुरुआत में ही कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर अस्पताल में भर्ती होनेवाले लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या अधिक गंभीर है। कुछ रोगियों में 12 महीने बाद गंभीर और नए लक्षण देखे गए।

कोरोना महामारी से उबरने के बाद अभी भी अनेक लोग जी रहे हैं चिंता और अवसाद में 

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की स्टडी से हुआ हकीकत का खुलासा

After recovering from the Corona epidemic, many people are still living with anxiety and depression.

शोधकर्ताओं के अनुसार, लंबे समय तक Covid से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हो गया लेकिन अधिकांश में अवसाद, चिंता और थकान के लक्षण कम होने के बजाय और भी खराब हो गए। यह अध्ययन लैंसेट Psychiatry Journal में प्रकाशित हुआ है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने 475 लोगों में लॉन्ग कोविड का अध्ययन किया।

अध्ययन के लेखक Dr. Max Taquet ने कहा, ‘हमने पाया कि दो से तीन साल बाद भी लोगों में Neuropsychiatric समस्याएं मौजूद थीं।

कोरोना महामारी से उबरने के बाद अभी भी अनेक लोग जी रहे हैं चिंता और अवसाद में 

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की स्टडी से हुआ हकीकत का खुलासा

After recovering from the Corona epidemic, many people are still living with anxiety and depression.

अध्ययन में शामिल चार में से एक ने Virus की चपेट में आने के बाद अपना पेशा बदल लिया, क्योंकि वे अपनी नौकरी की मांग के अनुसार दिमागी समस्याओं को हल करने में सक्षम नहीं हो पा रहे थे। अभी भी इस प्रकार की समस्या उन्हें झेलनी पड़ रही है।

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