चाईबासा में MGNREGA में गड़बड़ी मामले की झारखंड हाई कोर्ट में हुई सुनवाई

बाद में कोर्ट ने इस मामले को निष्पादित कर दिया था। इसके बाद में याचिकाकर्ता ने वर्ष 2021 में फिर से जनहित याचिका दाखिल कर मामले की CBI जांच की मांग की है

News Desk
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रांची: झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र (Sanjay Kumar Mishra) की अध्यक्षता वाली खंडपीठ (Bench) ने बुधवार को चाईबासा (Chaibasa) में MGNREGA घोटाला कि CBI जांच को लेकर मतलूब आलम की जनहित याचिका पर सुनवाई की।

खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि इससे संबंधित मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में जो प्राथमिकी दर्ज की गई थी उसकी वर्तमान में जांच की क्या स्थिति है। कोर्ट ने 10 दिनों में सरकार को स्टेटस रिपोर्ट (Status Report) दाखिल करने का निर्देश दिया है।

चाईबासा में पुलिस ने 14 FIR दर्ज की

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजीव कुमार (Advocate Rajeev Kumar) की ओर से कोर्ट को बताया कि वित्तीय वर्ष 2008-9, 2009-10, 2010-11 में चाईबासा में करीब 28 करोड़ रुपये का MGNREGA घोटाला हुआ है।

इसे लेकर चाईबासा में पुलिस ने 14 FIR दर्ज की थी। बाद में ACB ने मामले में भी पीई (प्रारंभिक जांच) दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

कोर्ट ने इस मामले को निष्पादित कर दिया

चाईबासा (Chaibasa) में तीन वित्तीय वर्षों में MGNREGA कार्यों में अग्रिम राशि का भुगतान तो कर दिया गया था लेकिन कोई काम धरातल पर नहीं हुआ था। चाईबासा में MGNREGA में घोटाला की जांच को लेकर याचिकाकर्ता ने वर्ष 2013 में जनहित याचिका दाखिल की थी।

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बाद में कोर्ट ने इस मामले को निष्पादित कर दिया था। इसके बाद में याचिकाकर्ता ने वर्ष 2021 में फिर से जनहित याचिका दाखिल कर मामले की CBI जांच की मांग की है।

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