तुष्टीकरण और वोट बैंक का चश्मा खोलकर सच्चाई देखे हेमंत सरकार, प्रतुल शाहदेव ने…

प्रतुल ने कहा कि केंद्र सरकार गृह मंत्रालय के उप सचिव के द्वारा उच्च न्यायालय में दिए एफिडेविट के पॉइंट नंबर 35 में स्पष्ट लिखा है कि झारखंड के संथाल परगना के छह जिलों में घुसपैठ पाकुड़ और साहिबगंज के इलाके से हुई जो पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश से नजदीक का इलाका है

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Pratul Shahdev On Hemant Sarkar : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव (Pratul Shahdev) ने शुक्रवार काे झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को नसीहत दी कि वह तुष्टीकरण और वोट बैंक के चश्मे को खोलकर यदि केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के उप सचिव के द्वारा दायर किए गए उच्च न्यायालय में एफिडेविट को पढ़ेंगे तो उन्हें घुसपैठ के विषय में सारा कुछ स्पष्ट हो जाएगा। प्रतुल ने कहा सिर्फ वोट बैंक का तुष्टिकरण की राजनीति के कारण झामुमाे सच्चाई से इनकार कर रही है ।

प्रतुल ने कहा कि केंद्र सरकार गृह मंत्रालय के उप सचिव के द्वारा उच्च न्यायालय में दिए एफिडेविट के पॉइंट नंबर 35 में स्पष्ट लिखा है कि झारखंड के संथाल परगना के छह जिलों में घुसपैठ पाकुड़ और साहिबगंज के इलाके से हुई जो पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश से नजदीक का इलाका है। इसी बिंदु में यह भी लिखा है कि इन सीमावर्ती जिलों में बड़े संख्या में मदरसे बनाए हैं ।

हेमंत सोरेन सिर्फ वोट बैंक के राजनीति कर रहे हैं: प्रतुल

प्रतुल ने कहा कि केंद्र सरकार के इसी एफिडेविट में वर्णित है कि 2021 में केंद्र ने राज्य सरकार को दो बार पत्र लिखकर 203 और एक बार 145 घुसपैठिए की सूची सौंप थी।

केंद्र ने राज्य को इस पर कार्रवाई करने को भी कहा था। मगर राज्य सरकार उसको दबा कर बैठ गई।प्रतुल ने कहा हेमंत सोरेन राजधर्म नहीं निभा रहे हैं सिर्फ वोट बैंक के राजनीति कर रहे हैं।

प्रतुल ने कहा कि धुर्वा के पुराने विधान सभा मैदान में राम मंदिर के स्वरूप के बन रहे पंडाल को लेकर सरकार जबरदस्ती तनाव उत्पन्न कर रही है। पांच सौ वर्ष बाद रामलला अयोध्या में विराजमान हुए हैं और यदि राम मंदिर के स्वरूप का भव्य पंडाल बन रहा है तो इस पर सरकार को आपत्ति क्यों?राम मंदिर स्वरूप पंडाल हिंदुस्तान में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा?

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प्रतुल ने यह भी कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा पाकिस्तान से आए मुसलमान के लिए किस आधार पर हक मांग रही है? CAA कानून के तहत इस्लामिक राष्ट्रों में जो पीड़ित अल्पसंख्यक थे उनको नागरिकता देने का प्रावधान था, तो इस्लामी राष्ट्र में मुसलमानों को प्रताड़ित किया जाता हो इस सोच को तो 21 तोपों की सलामी बनती है। वहां हिंदू, सिख, क्रिश्चियन, बुध ,जैन, पारसी जरूर प्रताड़ित रहे हैं और इनको नागरिकता और हक देने का प्रावधान किया गया है।

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