रांची में बनने वाले फ्लाईओवर के काम में भी हेमंत सरकार कुंडली मार कर बैठी: सीपी सिंह

News Aroma Media
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रांची: भाजपा ने राज्य सरकार पर आरोप पत्र जारी करने के बाद अब विभागवार नाकामियों को उजागर करना प्रारम्भ किया है।

पार्टी कार्यालय में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा के वरिष्ठ नेता सह विधायक सीपी सिंह ने हेमन्त सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर कड़े अंदाज़ में हमला किया।

सीपी सिंह ने कहा कि नगर विकास, आवास एवं परिवहन विभाग पर हेमन्त सरकार की उपलब्धियों को अखबारों में देखा तो सिर्फ दो चीज़े देखने को मिली।

रघुवर दास के नेतृत्व वाली सरकार में तीन फेज का पेयजल के लिए काम आरम्भ हुआ था, एक फेज का काम चल रहा है।

हरमू पटेल पार्क सहित 14 जगह में पानी का टॉवर का काम चल रहा है।

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उसी में से एक फेज का का उन्होंने शिलान्यास किया है।

उन्होंने कहा को 2011 के जनगणना के अनुसार शहरी आबादी लगभग 80 लाख है, लेकिन वास्तव में देखा जाय तो यह आबादी एक करोड़ के आस पास है, यही राज्य की कुल आबादी का एक तिहाई है।

जीडीपी में शहरी क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान होता है।

वैसे में शहर की विकास की ओर ध्यान देने का सरकार का दायित्व होती है।

रघुवर दास के नेतृत्व वाली सरकार ने इस विभाग का बजट बढ़ाने का कामकिया था।

जहां 2013-14 में नगर विकास विभाग का बजट 900 करोड़ का बजट था वही रघुवर सरकार ने इसका बजट को तीन गुना बढ़ाकर 2829 करोड़ तक बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि हमने सिर्फ बजट ही नहीं बढ़ाया, बल्कि विकास कार्यो को जमीन पर क्रियान्वयन भी किया है।

लगभग 95 प्रतिशत राशि का सदुपयोग किया गया। हेमन्त सोरेन की सरकार शुरुआत से ही पैसे की कमी का रोना रोती रही, एक भी काम जमीन और नही दिखा है।

रांची की मेयर आशा लकड़ा ने कोरोना काल मे कोरोना से लड़ने एवं शहर को स्वच्छ रखने के लिए बार-बार राज्य सरकार से पैसे का मांग करती रही लेकिन पैसा नही मिला।

रघुवर सरकार में अलग अलग वर्षों में नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायतों को पैसे दिए जाते रहे है ताकि विकास कार्य बाधित नहीं हो।

लेकिन अब तो राज्य सरकार की ओर से पैसा मिलना भी बंद हो गया है।

उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार में शहरों में सोडियम लाइट को हटाकर सभी पोलो में एलईडी लाइट लगाने का काम हुआ था। सिर्फ रांची में ही 40 हज़ार लाइट लगाया गया।

इस प्रकार प्रत्येक शहर में पेयजल पर काम शुरू हुआ। साथ ही मॉड्यूलर टॉयलेट पर अधिक अधिक काम हुआ है।

रघुवर सरकार में शुरू किये गए कामो पर इन्होंने रोक लगाने का काम किया है।

धनबाद में वर्ल्ड बैंक के माध्यम से सड़क निर्माण कार्य आरंभ कराया गया था, जिसे इन्होंने आठ माह तक रोक लगा कर रखा।

बाद में इन्हें जानकारी मिली कि यदि इस काम को रोक दिया जाय तो 134 करोड़ रुपये का क्षतिपूर्ति देना होगा तब जाकर बाद में काम शुरू कराया गया।

उसी प्रकार रांची में बनने वाले कांटाटोली फ्लाईओवर हो या हरमू, रातू रोड फ्लाईओवर का काम में भी हेमन्त सरकार कुंडली मार कर बैठ गई है।

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