रांची: देवघर के उपायुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी हैं मंजूनाथ भजंत्री। इन्होंने 24 अक्टूबर को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ एक नहीं, दो नहीं, तीन भी नहीं, बल्कि पांच एफआईआर दर्ज करा दी।
पांच अलग-अलग थानों में। हर थाने में एक एफआईआर। एक ही दिन में। आरोप लगाया कि गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
डीसी मंजूनाथ भजंत्री का यह कदम अब खुद उन पर ही भारी पड़ गया है। उनसे भारत का निर्वाचन आयोग नाराज हो गया है। इतना कि उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दे दिया है।
आयोग ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें आयोग ने उन्हें निर्देश दिया है कि वह देवघर के डीसी सह जिला निर्वाचन अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करें। उनसे सात दिनों के अंदर जवाब मांगें और 10 दिनों के अंदर वह जवाब आयोग को भेजें।
क्या कहा है आयोग ने?
चुनाव आयोग के प्रमुख सचिव अरविंद आनंद ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजा है। उसमें उन्होंने देवघर के डीसी द्वारा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ लिये गये एक्शन पर गंभीर सवाल उठाये हैं।
पत्र में कहा गया है कि डीसी सह जिला निर्वाचन अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने 26 अक्टूबर के पत्रांक 2472 और 27 अक्टूबर के पत्रांक 2497 के साथ दस्तावेज और रिपोर्ट सौंपे हैं।
उनके परीक्षण से यह साफ होता है कि एफआईआर दर्ज कराने में देरी हुई और इस देरी का उन्होंने जो कारण बताया है, वह साक्ष्य पर आधारित नहीं है। इसलिए डीसी मंजूनाथ भजंत्री से इस मामले में स्पष्टीकरण पूछा जाना चाहिए।
पत्र में कहा गया है कि सांसद डॉ निशिकांत दुबे द्वारा किया गया कथित आपराधिक कृत्य और उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में दायर एफआईआर के बीच छह महीने से अधिक का अंतराल है।
बिना किसी पर्याप्त कारण के इतने दिनों बाद एफआईआर दर्ज कराना न सिर्फ अभियोजन पक्ष के लिए समस्या पैदा कर सकता है, बल्कि यह अधिकारों के दुरुपयोग की ओर भी इशारा करता है।
बता दें कि इस साल अप्रैल में मधुपुर में हुए उपचुनाव से पहले भारत के निर्वाचन आयोग ने भाजपा सांसद डॉ निशिकांत दुबे की शिकायत पर देवघर के डीसी मंजूनाथ भजंत्री को हटा दिया था।
हालांकि, चुनाव के बाद मंजूनाथ भजंत्री को दोबारा इस पद पर पदस्थापित कर दिया गया। लेकिन, उसके बाद 24 अक्टूबर को देवघर डीसी सह जिला निर्वाचन अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के पांच थानों में भाजपा सांसद डॉ निशिकांत दुबे के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में पांच अलग-अलग मामले दर्ज करा दिये थे।