मुंबई: बंबई हाईकोर्ट ने गुरुवार को फिल्म अभिनेता सोनू सूद के अवैध निर्माण संबंधित याचिका ठुकरा दी है।
इसके बाद जुहू इलाके में स्थित सोनू सूद के अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के लिए बीएमसी का रास्ता साफ हो गया है।
जुहू इलाके में स्थित भक्तिसागर बिल्डिंग में एक्टर सोनू सूद ने पांचवीं मंजिल पर स्थित अपने घर को ही होटल में तब्दील कर दिया था।
बीएमसी ने सोनू सूद को कार्रवाई के लिए नोटिस भेजा था और कार्रवाई के लिए विलेपार्ले पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज करवाई थी।
सोनू सूद के वकील ने इस मामले में बीएमसी की कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए अक्टूबर, 2020 में याचिका दायर की थी।
इसी मामले की सुनवाई आज हाईकोर्ट में न्यायाधीश पृथ्वीराज चव्हाण के समक्ष हुई।
सरकारी वकील ने दलील देते हुए कोर्ट को बताया कि सोनू सूद ने बीएमसी से किसी भी तरह की अनुमति न लेते हुए अपने घर के ढांचे में बदलाव करते हुए होटल में तब्दील कर दिया है।
साथ ही इस होटल के लिए अनुमति भी नहीं ली गई है।
इन स्थितियों में अगर इस अवैध निर्माण में आग लगी अथवा इमारत गिरी तो लोगों की जानमाल का नुकसान हो सकता है।
सोनू सूद के वकील ने बीएमसी की ओर की जाने वाली कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
इसके बाद न्यायाधीश पृथ्वीराज चव्हाण ने सोनू सूद को किसी भी तरह की राहत न देते हुए उनकी याचिका को ठुकरा दी।
इससे पहले सोनू सूद इस मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से मिल चुके हैं।
हालांकि इन नेताओं ने सोनू सूद को कोई आश्वासन नहीं दिया था।
इसके बाद सोनू सूद ने कहा था कि वह अपने आवास में किए गए बदलाव को पूर्ववत करने के लिए तैयार हैं।