RBI अगले महीने लोन EMI में दे सकता है राहत!

RBI ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए MPC की बैठक की तारीखों का ऐलान कर दिया है, जिसमें पहली बैठक 7, 8 और 9 अप्रैल को होगी। इस बैठक के नतीजे 9 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे। इंडिया रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, "वित्त वर्ष 2024-25 में हेडलाइन मुद्रास्फीति 4.7 प्रतिशत तक घटने की उम्मीद है।

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Monetary Policy of RBI: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अप्रैल 2025 में होने वाली समीक्षा बैठक में प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकती है। यह पूर्वानुमान इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने व्यक्त किया है।

RBI ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए MPC की बैठक की तारीखों का ऐलान कर दिया है, जिसमें पहली बैठक 7, 8 और 9 अप्रैल को होगी। इस बैठक के नतीजे 9 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे।

इंडिया रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, “वित्त वर्ष 2024-25 में हेडलाइन मुद्रास्फीति 4.7 प्रतिशत तक घटने की उम्मीद है।

वित्त वर्ष 2025-26 में नीतिगत दर में कुल 0.75 प्रतिशत की कटौती संभव है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर अमेरिका के जवाबी शुल्क का असर अनुमान से अधिक हुआ, तो RBI मौद्रिक नीति में और ढील दे सकता है।

लंबे समय बाद रेपो दर में बदलाव की उम्मीद

RBI ने ऊंची महंगाई के चलते लंबे समय तक रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया था। मई 2022 से फरवरी 2023 के बीच केंद्रीय बैंक ने रेपो दर को 2.50 प्रतिशत बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया था।

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इसके बाद फरवरी 2025 में 0.25 प्रतिशत की कटौती के साथ इसे 6.25 प्रतिशत पर लाया गया। इंडिया रेटिंग्स का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में तीन बार कटौती के साथ रेपो दर में कुल 0.75 प्रतिशत की कमी हो सकती है।

रेपो दर 5.5% तक पहुंचने की संभावना

रेटिंग एजेंसी के अनुसार, फरवरी 2025 की कटौती के बाद रेपो दर में कुल एक प्रतिशत की कमी होने की उम्मीद है, जिससे यह 5.5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

इस दौरान औसत मुद्रास्फीति लगभग चार प्रतिशत रहने का अनुमान है, यानी वास्तविक रेपो दर 1.5 प्रतिशत होगी। फरवरी 2025 की MPC बैठक के ब्योरे से संकेत मिलता है कि RBI धीमी आर्थिक वृद्धि को लेकर सजग है और इसे गति देने के लिए कदम उठा सकता है। इस संभावित कटौती से लोन की EMI में राहत मिलने की उम्मीद है, जिसका सीधा लाभ उधारकर्ताओं को होगा।

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