ईरान में हिजाब नहीं पहना तो चलेगा मुकदमा, नहीं बरती जायेगी रियायत, चीफ जज ने सुनाया फरमान

दरअसल पिछले साल सितंबर से, कई ईरानी महिलाओं (Iranian Women) ने सार्वजनिक रूप से हिजाब नहीं पहनने का विकल्प (Option) चुना है

News Desk
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Iran Anti-Hijab Protests : Iran में बीते साल महसा अमीनी की मौत के बाद हिजाब विरोधी प्रदर्शनों (Anti-Hijab Protests) का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है तो वहीं इस देश की सरकार (Government) भी लोगों की आवाज को दबाने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है।

अब वहां के न्यायपालिका प्रमुख (Judiciary Chief ) गोलेमहोसिन मोहसेनी एजे (Golemhossein Mohseny AJ) ने औरतों और लड़कियों के लिए एक नया फरमान सुनाया है।

उन्होंने कहा ,” खुले सिर रहना (हमारे) मूल्यों के साथ दुश्मनी के समान है।” उन्होंने कहा कि हिजाब (Hijab) न पहनने वाली औरतों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में कोई रियायत (Concession) नहीं बरती जाएगी।

ईरान में हिजाब नहीं पहना तो चलेगा मुकदमा, नहीं बरती जायेगी रियायत, चीफ जज ने सुनाया फरमान- If Hijab is not worn in Iran, there will be a case, concession will not be taken, the Chief Judge gave the order

न्यायपालिका प्रमुख गोलेमहोसिन मोहसेनी AJ ने दी धमकी

उन्होंने कहा है कि जितना अधिक महिलाएं ईरान में अनिवार्य (Mandatory ) ड्रेस कोड (dress code) की को नहीं मानेंगी उन पर सख्त कानूनी की जाएगी।

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समाचार एजेंसी (News Agency) रॉयटर्स ने ईरानी मीडिया (Iranian media) के हवाले से लिखा है कि Judiciary Chief गोलेमहोसिन मोहसेनी एजे ने धमकी दी है कि जो औरतें मुल्क में बगैर Hijabके सार्वजनिक जगहों (Public Places) पर दिखाई देंगी उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ बगैर किस रहम के मुकदमा चलाया जाएगा।

ईरान में हिजाब नहीं पहना तो चलेगा मुकदमा, नहीं बरती जायेगी रियायत, चीफ जज ने सुनाया फरमान- If Hijab is not worn in Iran, there will be a case, concession will not be taken, the Chief Judge gave the order

न्यायपालिका प्रमुख ने क्या कहा?

Golemhossein Mohseni AJ ने कहा, “ खुले सिर रहना (हमारे) मूल्यों के साथ दुश्मनी करने जैसा है। उन्होंने कहा, “इस तरह के घिनौने काम करने वालों को सजा (Punishment) दी जाएगी और सजा के बारे में पूरी जानकारी दिए बगैर दया के मुकदमा चलाया जाएगा।”

ईरान के न्यायपालिका प्रमुख ने कहा, “कानून प्रवर्तन (Law Enforcement) अधिकारी धार्मिक कानूनों (Religious Laws) के खिलाफ सार्वजनिक और न्यायिक दायरे (Jurisdictional Jurisdiction) में होने वाले अपराधों पर सख्त कार्रवाई (Strict Action) करने के लिए बाध्य है।

ईरान में हिजाब नहीं पहना तो चलेगा मुकदमा, नहीं बरती जायेगी रियायत, चीफ जज ने सुनाया फरमान- If Hijab is not worn in Iran, there will be a case, concession will not be taken, the Chief Judge gave the order

इस मुद्दे पर पीछे हटने की कोई गुंजाइश पैदा नहीं होती: मोहसेनी

उनकी ये चेतावनी Iran के आंतरिक मंत्रालय (Interior Ministry) के अनिवार्य सरकारी हिजाब कानून को लागू करने के बाद आई है।

आंतरिक मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “हिजाब “ईरानी राष्ट्र की सभ्यता की नींवों में से एक है” और “इस्लामी गणराज्य (Islamic Republic) के व्यावहारिक सिद्धांतों (Practical Principles) में से एक है।” इस मुद्दे पर पीछे हटने या सहिष्णुता बरतने की कोई गुंजाइश पैदा नहीं होती है।

ईरान में नहीं थम रहा हिजाब विरोधी प्रदर्शन

दरअसल पिछले साल सितंबर से, कई ईरानी महिलाओं (Iranian Women) ने सार्वजनिक रूप से हिजाब नहीं पहनने का विकल्प (Option) चुना है।

बीते साल हिजाब से जुड़े नियमों को न मानने पर 22 साल की महसा अमीनी की नैतिकता पुलिस (Morality Police) की हिरासत में हुई मौत के बाद से ही ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शनों (Anti Hijab Demonstrations) का दौर थम नहीं रहा है।

अमीनी की मौत के बाद वहां महिलाएं बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों (Protests) में सड़कों पर उतर आईं।

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