हेमंत सरकार में महिला उत्पीड़न की घटनाएं सबसे अधिक आदिवासी व दलित महिलाओं के साथ हो रहा: मिसफिका हसन

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पाकुड़: हेमंत सोरेन सरकार के एक साल के दौरान राज्य में सर्वाधिक महिला उत्पीड़न की घटनाएं हुई हैं। पीड़िताओं में सर्वाधिक संख्या आदिवासी व दलित महिलाओं की हैं।

ये बातें गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय में भाजपा द्वारा आयोजित एक दिवसीय धरना के दौरान पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता मिसफिका हसन ने कहीं।

उल्लेखनीय है कि राज्य में बिगड़ती विधि व्यवस्था व महिला उत्पीड़न खासकर बलात्कार सह हत्या की घटनाओं के खिलाफ भाजपा ने गुरुवार को जिले के सभी छह प्रखंड मुख्यालयों में संबंधित प्रखंड अध्यक्ष के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना दिया।

साथ ही उन्होंने कहा कि बीते नवम्बर माह तक के आपराधिक आंकड़े बताते हैं कि हेमंत सरकार में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।

राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार व अन्य अपराधों के अलावा 1765 घटनाएं सिर्फ महिलाओं के उत्पीड़न व सामूहिक बलात्कार सह हत्या के ही हैं।

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उन्होंने कहा कि ये सरकार द्वारा जारी आंकड़े हैं।जिसमें से अधिकांश पीड़िता आदिवासी व दलित समाज की हैं।ओरमांझी, रांची में सिर कटी युवती की मिली नग्न लाश ने राज्य की गिरती कानून व्यवस्था की पोल खोल रही है।

राज्य सरकार घटना का उद्भेदन न कर आम जनता पर पुलिसिया जुल्म करा रही है।

जो सरकार की निरंकुशता को ही दर्शाता है। माननीय उच्च न्यायालय ने भी राज्य सरकार को दुष्कर्म मामलों के मद्देनजर कड़ी फटकार लगा चुका है।

भाजपा एक सशक्त विपक्ष की भूमिका में आम आदमी की आवाज बन कर इन मुद्दों को उठा रही है तो सरकार ने पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों पर पुलिसिया जुल्म ढाना शुरू कर दिया है।

निर्दोष नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों को बेवजह फंसाया जा रहा है। यह सरकार चाहे जितना जुल्म ढाए भाजपा कार्यकर्ता इसका खुल कर विरोध करने के लिये दृढ़ संकल्पित हैं।

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