पलामू में ईसाइयों ने हर्षोल्लास से मनाया खजूर पर्व, खजूर की नई डाली के साथ निकाली शोभायात्रा

प्रभु यीशु ने विनम्रता, दीनता, क्षमाशीलता, समानता, परोपकार (Charity), सेवा एवं सहयोग करने का संदेश दिया है।

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पलामू: Christian समुदाय के लोगों ने रविवार को हर्षोल्लास के साथ खजूर पर्व मनाया। मेदिनीनगर सिटी के शांति की महारानी गिरजाघर से विश्वासियों ने सुबह में खजूर की नई डाली के साथ शोभायात्रा निकाली।

यूनियन चर्च (Union Church), ग्रामीण बैंक रोड, DDC आवास रोड होते हुए शोभायात्रा शांति की महारानी गिरजाघर पहुंची।

जिसके बाद सभी चर्चो में मिस्सा पूजा व विशेष प्रार्थना सभा (Prayer Meeting) की गई।

हाथ में खजूर की डाली लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए विश्वासियों ने प्रभु यीशु के स्वागत में गीत गाए साथ ही जयघोष भी किया।

क्यों मनाया जाता है खजूर पर्व

शांति की महारानी चर्च में मुख्य अनुष्ठाता फादर मॉरिस कुजूर की देखरेख में मिस्सा पूजा अनुष्ठान किया गया। इस दौरान मसीही विश्वासियों ने खजूर पर्व से जुड़े गीतों के अलावा यीशु का महिमा गीत एवं प्रार्थना प्रस्तुत किया।

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फादर मॉरिस कुजूर ने खजूर पर्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु के येरुशलम (Jerusalem) में विजय प्रवेश के अवसर पर वहां के गरीबों ने खजूर की डाली से स्वागत किया था। उसी की याद में यह पर्व मनाया जाता है।

प्रभु यीशु ने विनम्रता, दीनता, क्षमाशीलता, समानता, परोपकार (Charity), सेवा एवं सहयोग करने का संदेश दिया है।

प्रभु यीशु के इस संदेशों को आत्मसात कर गरीब, असहाय और दुखियों की सेवा करना चाहिए।

पर्व के अवसर पर मसीही विश्वासियों ने सुखमय जीवन की कामना की।

प्रार्थना सभा में फादर माइकल कुजूर, फाबियानुस सिंदुरिया, प्रदीप बाखला, सुमन मिंज, अरविंद मुंडा आदि मौजूद थे।

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