गिरिडीह: गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चकमा देकर एक नवजात बच्चा को बदलकर ले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
घटना की जानकारी परिजनों ने बुधवार को दी है। अस्पताल में कार्यरत एएनएम नीतू सिन्हा ने जब रजिस्टर देखा तो महिला को पुत्र होने की बात दर्ज थी। प्रसूता ने कहा कि मेरे बगल में डेवटन की महिला थी।
उसी ने मेरे हाथ से बच्चा लिया था, मैं देखते ही उसे पहचान लूंगी।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि अस्पताल के रिकार्ड को देखते हुए स्थल पर जाकर मामले की जांच की जाएगी। महिला काे उसका पुत्र वापस दिलवाया जाएगा।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, गावां प्रखंड स्थित पथलडीहा के नावाडीह निवासी संगीता देवी पति दुर्गा यादव अपनी मां व गांव की सहिया पति श्यामसुंदर यादव के साथ 8 दिसंबर को स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने पहुंची थी।
महिला ने अस्पताल के मुख्य गेट के अंदर प्रवेश करते ही एक बच्चे को जन्म दे दिया। बाद में स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित एएनएम व परिजनों के सहयोग से उसे अस्पताल के अंदर ले जाया गया। जहां उसकी देखभाल की जा रही थी।
वहीं महिला के बगल बेड पर एक अन्य महिला ने एक पुत्री को जन्म दिया था।
बुधवार को प्रसूता संगीता ने अपनी मां से चाय ब्रेड की मांग की। बगल की प्रसूता की देखभाल कर रही महिला ने कहा कि बच्चा मुझे दे दो, तब तक हम रखते हैं।
जब तक संगीता की मां ब्रेड लेकर आई तब तक महिला ने अपनी पुत्री को उसी के कपड़े से ढककर उसे दे दिया।
प्रसूता महिला जब बुधवार को अपने घर आई तो देखा की उसकी गोद में पुत्री है। बाद में महिला के परिजनों ने स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर इसकी शिकायत की।