विदेश में बढ़ रही भारत के बासमती चावल की मांग, कहीं इधर भी न बढ़ जाए दाम…

बता दें ‎कि भारत के गैर-बासमती चावलके निर्यात पर बैन लगाते ही अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में चावल के रेट 3 फीसदी तक बढ़ गए हैं

News Aroma Media
4 Min Read

नई दिल्‍ली : भारत चावल (Rice) का सबसे बड़ा ‎निर्यातक देश है, ले‎किन अब मांग में बढ़ोतरी होने से बासमती चावल (Basmati Rice) के भाव भी बढ़ने वाले हैं।

बता दें ‎कि भारत के गैर-बासमती चावल (Non-Basmati Rice) के निर्यात पर बैन लगाते ही अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में चावल के रेट 3 फीसदी तक बढ़ गए हैं। ऐसे में गैर-बासमती के एक्‍सपोर्ट (Export) पर बैन के बाद बासमती चावल के निर्यात में उछाल आने की संभावना है।

विदेश में बढ़ रही भारत के बासमती चावल की मांग, कहीं इधर भी न बढ़ जाए दाम…-India's demand for basmati rice is increasing abroad, the price may not increase even here...

भारत पर बासमती के लिए निर्भर देश

अब अचानक ही बासमती निर्यात की मांग बढ़ गई है। इसका कारण है कि बासमती के विदेशी खरीदारों को लगता है कि देर-सवेर भारत बासमती के निर्यात पर भी बैन लगा सकता है।

हालांकि, भारत ने कभी बासमती के निर्यात पर बैन नहीं लगाया है। निर्यात मांग बढ़ने से बासमती चावल का दाम घरेलू बाजार में भी बढ़ सकता है। भारत चावल का सबसे बड़ा निर्यातक देश है।

- Advertisement -
sikkim-ad

गैर बासमती चावल के कुल वैश्विक उत्‍पादन में भारत का हिस्‍सा 40 फीसदी है। बासमती चावल का भी भारत सबसे बड़ा उत्‍पादक और निर्यातक है। भारत ने साल 2022-23 में करीब 4.5 मिलियन मीट्रिक टन बासमती चावल का निर्यात किया था।

इसमें सऊदी अरब (Saudi Arabia), ईरान (Iran), इराक (Iraq), संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates), यमन (Yemen) और अमेरिका (America) भारतीय बासमती के बड़े आयातक हैं

विदेश में बढ़ रही भारत के बासमती चावल की मांग, कहीं इधर भी न बढ़ जाए दाम…-India's demand for basmati rice is increasing abroad, the price may not increase even here...

शिपमेंट जल्दी करने का अनुरोध

मी‎डिया रिपोर्ट के अनुसार, बासमती चावल के बड़े भारतीय निर्यातक GRM ओवरसीज के मैनेजिंग डायरेक्‍टर (Managing Director, GRM Overseas) अतुल गर्ग (Atul Garg) का कहना है ‎कि खरीदार जल्‍द बासमती चावल भेजने का अनुरोध कर रहे हैं।

उन्‍हें डर है कि भारत सरकार बासमती चावल के एक्‍सपोर्ट भी बैन करेगी। आमतौर पर खरीदार Long Term Contract करते हैं। वे हर महीने चावल मंगाते हैं। लेकिन, इस बार जो शिपमेंट सितंबर और अक्‍टूबर के लिए बुक कराया गया था, उसे अगस्‍त में ही भेजने का अनुरोध आयातक कर रहे हैं।

विदेश में बढ़ रही भारत के बासमती चावल की मांग, कहीं इधर भी न बढ़ जाए दाम…-India's demand for basmati rice is increasing abroad, the price may not increase even here...

पिछले साल भी थी भारी डिमांड

हालां‎कि भारत सरकार (Indian government) ने बासमती चावल के एक्‍सपोर्ट पर बैन लगाने का कोई संकेत नहीं दिया है। न ही पहले कभी एक्‍सपोर्ट पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है।

केवल साल 2008 में बासमती के निर्यात पर Export Duty जरुर लगाई गई थी। लेकिन, आयातक गैर-बासमती चावल पर बैन लगाए जाने के बाद से ही डरे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार पिछले साल बासमती चावल उगाने वाले किसानों को अपनी फसल का बंपर भाव मिला था। बासमती धान की DB 1401 और PB 1121 किस्‍मों का भाव तो पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल के करीब पहुंच गया था।

इसी तरह बासमती 1509 का भाव भी 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक हो गया था। इस साल अभी उत्‍तर प्रदेश की मंडियों में बासमती 1509 किस्‍म की आवक शुरू हुई है। अब 1509 धान 3000 हजार रुपये बिक रहा है। वहीं, पुराने 1509 धान का रेट अब 3900 रुपये मार्केट में ‎फिलहाल चल रहा है।

Share This Article