नेपाल में मारा गया ‘भारत का दुश्मन’ ISI एजेंट

News Alert
3 Min Read

काठमांडू: नेपाल की राजधानी काठमांडू में ISI Agent  लाल मोहम्मद (Lal Mohammed) उर्फ मोहम्मद दर्जी की हत्या कर दी गई।

भारत में जाली नोटों के बड़े आपूर्तिकर्ता ने कार से उतर कर भागने की कोशिश की तो उसे दौड़ा-दौड़ा कर गोलियां मारी गयीं। ISI उसका इस्तेमाल में भारत में जाली नोटों की आपूर्ति के साथ आतंकी गतिविधियों (Terrorist Activities) के मददगार के रूप में भी करती थी।

काठमांडू के कागेश्वरी मनोहरा नगर पालिका क्षेत्र के गोथार में रह रहा लाल मोहम्मद कार से अपने घर जा रहा था। रास्ते में अज्ञात हमलावरों ने उसके सिर, पेट व सीने में गोलियां दाग दीं।

गोलीबारी स्थल के पास लगे कैमरे की CCTV Footage  के अनुसार मोटरसाइकिल पर आए दो अज्ञात हमलावरों ने लाल मोहब्बत पर गोली चलाई।

Lal Mohammed ने कार से उतर कर भागने की कोशिश की तो उसे दौड़ा-दौड़ा कर गोलियां मारी गयीं। लाल मोहम्मद को कई गोलियां मारकर अपराधी भाग निकले।

- Advertisement -
sikkim-ad

lal mohammad

लाल मोहम्मद जुलाई 2017 में जेल से रिहा हुआ था

गंभीर अवस्था में जख्मी लाल मोहम्मद को महाराजगंज अस्पताल (Maharajganj Hospital) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बताया गया कि लाल मोहम्मद पर गोलियां उसके घर के पास ही चलीं। उस पर गोलियां चलती देख उसे बचाने के लिए उसकी बेटी घर की छत से कूद गयी, किन्तु वह अपने पिता को बचा न सकी।

लाल मोहम्मद Pakistan की खुफिया एजेंसी ISI का एजेंट था। वह पाकिस्तान व बांग्लादेश से भारतीय जाली मुद्रा मंगाकर नेपाल से भारत भेजता था।

ISI उसका इस्तेमाल में भारत में जाली नोटों की आपूर्ति के साथ आतंकी गतिविधियों के मददगार के रूप में भी करती थी। वह अन्य ISI agents  को नेपाल में शरण देने और उन्हें सभी संसाधन मुहैया कराने का काम करता था।

लाल मोहम्मद की गिनती नेपाल के हिस्ट्रीशीटर (History sheeter) बदमाशों में होती थी। वर्ष 2007 में काठमांडू क्षेत्र के ही अनामनगर में जाली नोट कारोबारी पटुआ की हत्या के मामले में नेपाल पुलिस ने लाल मोहम्मद को गिरफ्तार किया था।

उसे दस साल की सजा हुई थी। लाल मोहम्मद जुलाई 2017 में जेल से रिहा हुआ था। इसके बाद उसने कपड़ों का कारोबार शुरू किया था। पुलिस का दावा है कि उसकी हत्या गैंगवार (Gangwar) के चलते की गई है।

Share This Article