रामगढ़: केंद्र सरकार की नई चिकित्सा नीति के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन 1 से 15 फरवरी तक आंदोलन की घोषणा कर चुका है।
इसी कड़ी में 7 फरवरी को एसोसिएशन के सभी सदस्य भूख हड़ताल पर रहेंगे। इस मामले की जानकारी एसोसिएशन की सदस्य और मिशन थिंक हेल्थ की राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर सांत्वना शरण ने दी।
शनिवार को उन्होंने बयान जारी कर बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मिक्सोपैथी के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों से मिलकर उन्हें जागरूक कर रहा है।
इसी क्रम में रामगढ़ के चिकित्सकों ने लायंस क्लब, रोटरी क्लब, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और समाज के विभिन्न वर्ग से आने वाले प्रबुद्ध जनों से मिलकर उन्हें सरकार के लिए चिकित्सा नीति के बारे में बताया। उन्हें बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आयुर्वेद का समर्थक है।
वे चाहते हैं आयुर्वेद के विस्तार के लिए चिकित्सा संस्थान खोले जाएं। उनके विकास के लिए सरकार प्रयास करे और ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों तक आयुर्वेद का लाभ पहुंच सके।
आधुनिक चिकित्सा की ट्रेनिंग लेने वाले चिकित्सकों को ही विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन और चिकित्सा विधि अपनाने की छूट बरकरार रहे, जो चिकित्सक जिस विधि से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें उसी विधि में अपनी सेवा देने का अधिकार मिले। यह सामान्य जनों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।
उन्होंने बताया कि कुछ नए नियमों के तहत अब सरकार चाहती है कि दूसरी विधाओं के चिकित्सक भी 58 तरह की सर्जरी कर सकेंगे, जिसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
इंडियन मेडिकल अपने विभिन्न केंद्रों में भूख हड़ताल क्रमिक अनशन कर रहा है और सामान्य जन से अनुग्रह करता है कि समाज के लोगों के सही उपचार के लिए वह आईएमए का समर्थन करें।