झारखंड में यहां ऑनर किलिंग! रूह कंपाने वाली इस मर्डर मिस्ट्री के खुलासे के बाद हर कोई है दंग

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गोड्डा: जिले के पथरगामा के गांधीग्राम में एक ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। इस मर्डर मिस्ट्री के खुलासे के बाद लोगों के रौंगटे खड़े हो गए, जिसने भी सुना दंग रह गया।

मामला एक युवती का गांव के ही अपने प्रेमी को छोड़ परिजनों द्वारा बताए गए दूसे लड़के से शादी करने से इनकार करने का है, जहां अपनी 18 वर्षीया पोती ओल्की कुमारी के रवैये से नाराज होकर उसके दादा ने ही गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया।

दो दिनों तक शव घर में ही रखा। इसके बाद शव को बोरा में भरकर भारी पत्थर में बांधकर मुफस्सिल थाना के जामजोड़ी मौजा के लातोना गांव के तालाब में फेंक दिया।

मामले में पुलिस ने चाचा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा एसपी वाईएस रमेश ने प्रेस कान्फ्रेंस में किया है।

प्रेम प्रसंग से नाराज परिजनों ने युवती को फूफा के घर भेज दिया था

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युवती बंगाल के मालदा के गाजोल थाना के केनबोना गांव की रहनेवाली थी। उसके प्रेम प्रसंग से नाराज होकर परिजनों ने दादा के साथ उसके फूफा के घर पथरगामा के गांधीग्राम भेज दिया था।

घटना को अंजाम देने वाले दो दादा समेत अन्य लोग फरार हैं। घटना को 9 जुलाई को अंजाम दिया गया था।

13 जुलाई को युवती का शव बरामद हुआ। इस कांड में पथरगामा थाना अंतर्गत महुआसोल के सुधीर यादव और साकेत यादव भी शामिल थे।

ऐसे हुआ खुलासा

एसपी वाईएस रमेश ने बताया कि 13 जुलाई को दिन के 1:30 बजे मुफस्सिल थाना अंतर्गत जामजोड़ी मौजा के लातोना तालाब से बोरा में शव बरामद किया गया था।

चौकीदार सतन टुडू के फर्द बयान पर मामला दर्ज कर पुलिस ने अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ जांच शुरू कर दी।

एसडीपीओ के नेतृत्व में जांच टीम बनाकर इसकी पड़ताल करायी गयी। तकनीक का सहारा लेकर छानबीन करने पर बंगाल के मालदा से चार लोगों को पूछताछ के लिए गोड्डा लाया गया।

जिसमें नगदी यादव के बेटे सुंदर यादव, फूल कुमार यादव तथा शिव कुमार यादव पिता जगदीश यादव शामिल थे। तीनों मालदा के गाजोल थाना अंतर्गत केनबोना गांव के रहने वाले हैं।

वहीं गाजोल थाना के आनंदपुर के एक और अभियुक्त सुदामा यादव पिता रंजीत यादव को भी गोड्डा लाया गया। इसके बाद पूछताछ में मामले का खुलासा हुआ।

क्या कहते हैं परिजन

मृतका ओल्की कुमारी के चाचा सुंदर यादव ने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि ओल्की का प्रेम संबंध गांव के किसी लड़के से था। घर वाले इस संबंध को स्वीकार नहीं कर रहे थे।

इस कारण ओल्की को उसके फूफा संजीव यादव पिता रंजीत यादव के घर पथरगामा, गांधीग्राम भेज दिया गया।

ओल्की अपने दादा नगदी यादव के साथ मालदा से गोड्डा आई थी। ओल्की की शादी मिर्जाचौकी में तय की गई। लेकिन ओल्की ने शादी से इनकार कर दिया।

इससे खफा होकर 9 जुलाई की रात ओल्की के दादा नगदी यादव और बड़े दादा जगदीश यादव ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। ओल्की का शव दो दिनों तक घर में छुपा कर रखा।

11 जुलाई को ओल्की के पिता घनश्याम यादव उर्फ दुलाल और चाचा सुंदर यादव ने ओल्की के शव को बोरा में भरकर भारी पत्थर से बांधकर रात 11:00 बजे लातोना तालाब में फेंक दिया।

इस कांड में पथरगामा थाना अंतर्गत महुआसोल के सुधीर यादव और साकेत यादव भी शामिल थे।

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