झारखंड सरकार के आदेश के बावजूद स्कूलों के संचालन में यहां सामने आई बड़ी अड़चन, शिक्षकों ने कह दी यह बात

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हजारीबाग: लंबे समय से कोरोना के कारण बंद स्कूलों को अनलॉक करने का तो झारखंड की हेमंत सरकार ने आदेश दे दिया है।

गाइडलाइंस के अनुसार, क्लास 9 से 12वीं तक के स्कूल खोले जाने हैं। लेकिन, इस बीच सरकार की इस शर्त ने नई परेशानी खड़ी कर दी है, जिसमें सभी शिक्षकों को स्कूल आने की अनुमति है, बशर्ते शिक्षक वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हों।

जाहिर है की सभी शिक्षक स्कूल नहीं आ सकेंगे। ऐसे में कम शिक्षकों के साथ क्लासेज कैसे चलेंगी, इसकी चिंता शिक्षकों को सताने लगी है।

12 परसेंट टीचर्स ही लगवा पाए हैं वैक्सीन की दोनों डोज

एक अनुमान के मुताबिक जिले में लगभग 750 सरकारी एवं 300 से अधिक प्राइवेट शिक्षक हाई और प्लस टू स्कूलों में पोस्टेड हैं।

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इन शिक्षकों में से महज 30 प्रतिशत वैक्सीन की पहली डोज तथा 12 प्रतिशत ही दोनाें डोज ले पाए हैं। अब सरकार के मानदंड के अनुसार 12 प्रतिशत शिक्षक ही स्कूल जाने की योग्यता रखते हैं।

ऐसे में इतने कम शिक्षकों के साथ पठन-पाठन का कार्य कैसे होगा, यह सवाल है।

क्या कहते हैं शिक्षक

शिक्षकों का कहना है कि दो डोज लेने की शर्त रखने के पहले सभी शिक्षकों को टीका लगवाने के लिए कैंप लगाना चाहिए था।

टीका लेने के लिए जिस तरह सेंटर पर भीड़ जुट रही है, उसमें टीका लेना काफी मुश्किल है।

घंटों लाइन लगने के बाद भी निराश होकर लौटना पड़ता है। वैक्सीन लेने को लेकर विभाग की ओर से भी प्रयास नहीं किया गया।

यदि दो डोज लेने संबंधित शर्त में ढील नहीं दी गई तो स्कूलों का संचालन मुश्किल हो जाएगा।

इधर, स्कूल खोलने को लेकर डीइओ ने बताया कि कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए स्कूल को खोला जाएगा।

जो छात्र-छात्राएं स्कूल आएंगे उन्हें अपने माता-पिता या अभिभावक से अनुमति लेनी होगी। क्लास शुरू होने से पहले स्कूलों को सेनिटाइज किया जाएगा।

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