वैवाहिक विवाद मामले में पति के रिश्तेदारों को फंसाना गलत प्रवृत्ति, हाई कोर्ट ने…

Central Desk
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Jharkhand High Court: सोमवार को Jharkhand High Court में जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में वैवाहिक विवाद (Marital Dispute) से जुड़े एक मामले में दायर क्रिमिनल क्वैशिंग याचिका पर सुनवाई हुई।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने प्राथियों के खिलाफ गढ़वा के CJM की अदालत द्वारा 21 मार्च 2018 को लिये गये संज्ञान आदेश सहित संपूर्ण आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया।

उल्लेखनीय है कि गढ़वा (Garhwa) में एक महिला ने अपने पति और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ दहेज की मांग के लिए मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायतवाद दर्ज कराई थी।

अदालत ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि वैवाहिक विवाद के मामलों में पति के रिश्तेदारों को केस में फंसाने की प्रवृति बढ़ रही है, जो ठीक नहीं है।

साथ ही अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए मामले को निष्पादित कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि जहां तक 2017 के वैवाहिक वाद संख्या-672/2017 का संबंध है, तो इस आदेश का प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना उस पर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाएगा, क्योंकि यह आदेश आपराधिकता के मापदंडों और धारा- 482 CRPC को ध्यान में रखते हुए पारित किया गया है।

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