साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों के पैसे की वापसी को SOP करें प्रस्तुत, हाई कोर्ट ने…

झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) में साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों के पैसे की वापसी मामले में कोर्ट के स्वतः संज्ञान पर सोमवार को सुनवाई की।

Central Desk
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Jharkhand High Court: झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) में साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों के पैसे की वापसी मामले में कोर्ट के स्वतः संज्ञान पर सोमवार को सुनवाई की। High Court के एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने केंद्र सरकार को Cyber Fraud के शिकार लोगों के पैसे की वापसी के संबंध में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

इससे पहले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (ICCCC) के ACP जितेंद्र सिंह की ओर कोर्ट को बताया गया कि साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों के पैसा वापसी को लेकर एसओपी बनाने की प्रक्रिया जारी है। अगले सप्ताह भी केंद्र सरकार के स्तर पर एक बैठक होनी है, इसके बाद फाइनल SOP तैयार कर ली जायेगी।

वहीं स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (State Level Bankers Committee) की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर कोर्ट को बताया गया कि वह साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों को पैसा दिलाने पर अपना कोई निर्णय नहीं लेता है, वह जो भी निर्णय लेता है वह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देश के आलोक में ही लेता है।

इससे पहले महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार स्तर पर Cyber Fraud के शिकार लोगों के पैसा वापसी के संबंध में एक वर्चुअल बैठक 20 जनवरी को आयोजित की गई थी।

इसमें देश के विभिन्न राज्यों के संबंधित अथॉरिटी के अधिकारी, आईसीसीसीसी, इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधि, स्टेट लेवल बैंकिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधि, DG अनुराग गुप्ता, मामले की एमिकस क्यूरी सौम्या एस पांडे भी शामिल हुई थीं, जिसमें साइबर फ्रॉड के लोगों के पैसा वापसी को लेकर कई बिंदुओं पर विचार विमर्श हुआ है।

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इससे पहले राज्य सरकार की ओर से साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों के पैसा वापसी को लेकर एक SOP शपथ पत्र के माध्यम से कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी निर्धारित की है। कोर्ट ने एमिकस क्यूरी सौम्या एस पांडे से कहा कि वे साइबर क्राइम के शिकार लोगों के पैसे वापसी के संबंध में केंद्र सरकार, राज्य सरकार की SOP एवं खुद अपने सुझाव को संक्षिप्त रूप में तैयार करें ताकि इसे सचिव, Department of Financial Services, केंद्र सरकार को मामले की विस्तृत जानकारी के लिए भेजा जाये। सुनवाई के दौरान DG अनुराग गुप्ता, ICCCC के ACP जितेंद्र सिंह कोर्ट में उपस्थित थे।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि झारखंड में Cyber Fraud की रोकथाम एवं इसके शिकार लोगों को पैसा वापस दिलाने के संदर्भ में राज्य सरकार, ICCCC, स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी, एमिकस क्यूरी सौम्या एस पांडे सहित सभी पक्ष आपस में मिलकर एक संयुक्त प्रस्ताव तैयार कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें।

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