झारखंड हाई कोर्ट ने कहा- कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश को वापस ले RMC

कोर्ट ने मामले में DMA को पूरक शपथ पत्र (Supplementary Affidavit) दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 11 अप्रैल निर्धारित की है।

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रांची: Jharkhand High Court के जस्टिस दीपक रोशन की कोर्ट में मंगलवार को रांची नगर निगम (RMC) में फोर्थ ग्रेड में नियुक्त कर्मियों के थर्ड ग्रेड में प्रमोशन (Promotion) से संबंधित अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई।

कोर्ट में डायरेक्टरेट ऑफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन (DMA) की ओर से याचिकाकर्ता की हस्तक्षेप याचिका (IA) पर जवाब दाखिल किया गया।

नोटिस जारी किया

कोर्ट ने DMA के जवाब पर असंतोष जताते हुए मौखिक कहा कि आपने इस बात का जवाब नहीं दिया है कि कंटेम्प्ट प्रोसीडिंग (Contempt Proceedings) के बीच में नगर निगम कर्मचारी संघ के सिर्फ इन्हीं कर्मियों को नोटिस जारी किया, इनकी क्या गलती थी।

DMA को अनुशंसा या प्रपोजल भेजने वाले नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त एवं अन्य उच्चाधिकारियों के खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं हुई।

विभागीय कार्रवाई का आदेश देने में पीक एंड चूज क्यों किया गया? अवमानना की प्रोसिडिंग के बीच इस तरह का एक्शन क्यों लिया?

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मामले की सुनवाई 11 अप्रैल निर्धारित

खंडपीठ ने DMA को कड़ी फटकार लगाते हुए कि कहा कि निगम कर्मचारी संघ के कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश को वापस ले अन्यथा कोर्ट जब इस मामले में आदेश देगा तो कड़ा आदेश दे सकता है।

कोर्ट ने मामले में DMA को पूरक शपथ पत्र (Supplementary Affidavit) दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 11 अप्रैल निर्धारित की है।

याचिकाकर्ता की ओर से IA दायर कर रांची नगर निगम कर्मचारी संघ के दो कर्मियों को डायरेक्टरेट ऑफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन (DMA) के द्वारा शोकाज नोटिस जारी करने एवं उनपर विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश पर सवाल उठाया गया है।

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