रेमडेसिविर और अन्य जरूरी दवाओं की कालाबाजारी की जांच में न बरतें कोताही, हाईकोर्ट कर रहा है मॉनिटरिंग

News Aroma Media
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रांची: अदालत ने कहा है कि इस मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच की जानी चाहिए। यह गंभीर मामला है। इसलिए हाईकोर्ट इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है।

चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच ने गुरुवार को कोरोना से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह मौखिक रुप से कहा।

अदालत ने सरकार को अगले सप्ताह जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

सरकार की ओर से जांच की एक सीलबंद रिपोर्ट भी अदालत को पेश की गयी।

मामले की सुनवाई के दौरान एचईसी की ओर से बताया गया कि उसने अपना अस्पताल पारस ग्रुप को लीज पर दे दिया है। उसके बाद बेड नहीं हैं।

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एचईसी के पास ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक भी नहीं है। इस कारण वह ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा सकता है।

पिछली सुनवाई में अदालत ने सरकार को एचईसी, टाटा स्टील और हिंडाल्को से यह जानकारी मांगी थी कि उनके पास ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक हैं या नहीं।

यदि हैं तो क्या वह सदर अस्पताल को उपलब्ध करा सकते हैं। गुरुवार को सदर अस्पताल के मामले की भी सुनवाई निर्धारित थी।

इस मामले पर भी अगले सप्ताह सुनवाई होगी।उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में हाईकोर्ट लगातार व्यवस्था पर नजर बनाये हुए है।

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