झारखंड : जानिये किसे मारने के लिए हैदराबाद से शूटर बुलाने की तैयारी कर रही सरकार

News Aroma Media
3 Min Read

गढ़वा: जिले के कई क्षेत्रों में बच्चों का शिकार कर रहे तेंदुआ (Leopard) को आधिकारिक रूप से आदमखोर घोषित कर दिया गया है़। अब उस तेंदुआ को मारने के लिए Shooter बुलाने की तैयारी है।

इसके लिए हैदराबाद के चर्चित जंगली जानवरों के शूटर नवाब शपथ अली खान (Shooter Nawab Shapath Ali Khan) से कॉन्टैक्ट किया गया है़। उम्मीद जतायी जा रही है कि वह एक सप्ताह के अंदर गढ़वा आ सकते हैं।

अधिकारी ने मांगी तेंदुए को मारने की इजाजत

दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी शशि कुमार ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी सह मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक रांची (Wildlife Warden Ranchi) को इस संबंध में पत्र लिखा है।

पत्र में उन्होंने कहा है कि यह आदमखोर तेंदुआ वयस्क है। पिंजड़ा, जाल आदि लगाने, कैमरा ट्रैप और ड्रोन का इस्तेमाल करने पर भी उसे पकड़ने में कामयाबी नहीं मिल रही है।

इसलिए वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा दो (वन) ए के तहत उसे मारने की इजाजत दी जाये।

- Advertisement -
sikkim-ad

झारखंड : जानिये किसे मारने के लिए हैदराबाद से शूटर बुलाने की तैयारी कर रही सरकार -Jharkhand: Know who the government is preparing to call a shooter from Hyderabad to kill

अब तक तीन बच्चों को बना चुका है अपना शिकार

बता दें कि यह आदमखोर तेंदुआ 13 दिसंबर से लगातार गढ़वा के रंका, रमकंडा, भंडरिया, चिनियां आदि प्रखंडों में आतंक मचाये हुए है। अब तक उसने तीन बच्चों की हत्या की है।

इनमें रोदो, सेवाडीह और कुसवार गांव में एक-एक बच्चे को उसने मार डाला है। वहीं, मदगड़ी के लोहरगुड़वा में एक भैंसे को भी उसने मार डाला था।

कई अन्य जानवरों को वह जख्मी कर चुका है। वन विभाग का कहना है कि यह आदमखोर तेंदुआ वयस्क है और अकेला है।

गुरुवार को वन प्रमंडल पदाधिकारी दक्षिणी Shashi Kumar ने पहले रोदो और सेवाडीह में तेंदुआ द्वारा मारे गये दोनों बच्चों के परिजनों को चेक के जरिये चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया।

इससे पहले बुधवार की रात में आदमखोर तेंदुए द्वारा 12 वर्षीय बच्चे हरेंद्र घासी को अपना शिकार बनाये जाने के बाद ग्रामीणों में जबर्दस्त आक्रोश है़।

ग्रामीणों ने इसे लेकर गुरुवार को रमकंडा-भंडरिया मार्ग (Ramkanda-Bhandaria Road) को पांच घंटे तक जाम कर दिया। वनों के क्षेत्र पदाधिकारी गोपाल चंद्रा द्वारा मुआवजा देने और शीघ्र तेंदुआ को मारने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों का आंदोलन खत्म हुआ।

Share This Article