झारखंड के मजदूर की मुंबई में हत्या, इलाज के दौरान हुई मौत

Central Desk
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गोड्डा: गोड्डा जिले के पथरगामा के केरवार (परसपानी) निवासी पूरन महतो की मौत मुंबई के साइन अस्पताल में इलाज के दौरान बीते मंगलवार को हो गई।

पूरन महतो मुंबई के डोंबीवली के मानपारा में एक निजी कंपनी में कार्यरत था। बीते चार नवंबर को ड्यूटी से लौटने के क्रम में पूरन के साथ ही काम करने वाले उसके भतीजे ने उन्हें पत्थर से कूचकर जख्मी कर दिया था।

स्थानीय पुलिस ने सहयोग से उसे मुंबई के साइन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

पूरन के साथ काम करने वाले साथी मजदूरों ने इसकी सूचना पूरन महतो के दामाद रविंद्र महतो को दी जो मुंबई में ही कार्यरत है। ससुर की मौत की सूचना मिलते ही रवींद्र ने झारखंड सेवा संघ के महासचिव सनातन साह से सहयोग की अपील की।

संघ के महासचिव सनातन शाह ने अस्पताल पहुंचकर मदद दी। वहीं सूचना मिलने पर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने छोटे भाई संतोष दुबे जो मुंबई में ही रियल एस्टेट कारोबार देखते हैं।

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उसके माध्यम से तत्काल पांच हजार रुपये का सहयोग दिया। सनातन शाह ने जागरण को बताया कि शव को गांव भेजने के लिए एम्बुलेंस सहित मृतक के साथियों व दामाद को भेजने के लिए रेल टिकट आदि की व्यवस्था की गई है।

सांसद की मदद से कंफर्म टिकट की व्यवस्था हुई है। शव को केरवार (परसपानी) लाने के लिए जन कल्याण सेवा संस्थान के दिगंबर महतो जो गोड्डा के ही रहने वाले हैं और मुंबई में संस्थान चलते हैं।

ट्रेन टिकट एवं एंबुलेंस की व्यवस्था की है। सनातन साह ने बताया कि पूरन महतो की हत्या को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

दर्ज प्राथमिकी में हत्या का आरोपित उनके साथ काम करने वाले भतीजे को बनाया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया है। मुंबई पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

इधर केरवार (परसपानी) गांव में मृतक के घर मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। गोड्डा विधायक अमित मंडल ने स्वजनों को ढांढस बंधाया है और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

मुंबई में मृतक के शव को वापस लाने के लिए साथी मजदूर कामदेव राणा, उदय मिस्त्री, ब्रह्मदेव प्रजापति, सीताराम गुप्ता आदि मौजूद हैं।

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