झारखंड : नक्सली 20 नवंबर को देशव्यापी बंद के दौरान हिंसक घटना को दे सकते हैं अंजाम, पुलिस अलर्ट

News Aroma Media
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रांची: नक्सली प्रशांत बोस उर्फ किशन की गिरफ्तारी के बाद नक्सलियों ने 20 नवंबर को भारत बंद बुलाया है। इस दौरान नक्सली बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसके मद्देनजर झारखंड पुलिस अलर्ट हो गयी है।

खुफिया सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों द्वारा 20 नवंबर को बुलाये बंद के दौरान हिंसक घटनाओं को अंजाम दिये जाने की आशंका है।

अपने प्रभाववाले जिलों में नक्सली हिंसक घटना को अंजाम दे सकते हैं। रेलवे और दूसरे केंद्रीय प्रतिष्ठानों को वे अपना निशाना बना सकते हैं।

इस खुफिया इनपुट के मद्देनजर बुधवार को आईजी अभियान एवी होमकर ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि वे अलर्ट रहें।

साथ ही, केंद्रीय पारा मिलिट्री फोर्स, जगुआर और कोबरा के साथ रणनीति बनाते हुए नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखें और उसे रोकें।

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खुफिया सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों द्वारा 20 नवंबर को बुलाये बंद के दौरान हिंसक घटनाओं को अंजाम दिये जाने की आशंका है

मुख्यालय ने रेलवे रूट पर खास चौकसी बरतने को कहा है, क्योंकि बंद के दौरान नक्सली रेलवे को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाते रहे हैं।

रेलवे, केंद्र और राज्य के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाने का निर्देश मुख्यालय की ओर से दिया गया है। इसके लिए सीआरपीएफ, एसएसबी, आरपीएफ, सीआईएसएफ के साथ समन्वय स्थापित करने को भी कहा गया है।

गौरतलब है कि नक्सली प्रशांत बोस की गिरफ्तारी से भाकपा माओवादी आक्रोशित हैं। नक्सली संगठन उन लोगों को ढूंढ रहा है, जिन्होंने पुलिस को प्रशांत बोस की मूवमेंट के बारे में पुलिस को जानकारी दी है।

पुलिस को इनपुट मिला है कि यह पता लगाने के लिए नक्सली पारसनाथ इलाके में लोगों से पूछताछ भी कर रहे हैं।

अगर नक्सलियों को किसी पर शक हुआ, तो उस शख्स की वे लोग जान ले सकते हैं। इस आशंका को लेकर भी सुरक्षा बलों ने पारसनाथ में निगरानी बढ़ायी है।

पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि पुलिस पिकेट या कैंप तक पहुंचनेवाले रास्तों की ठीक से जांच की जाये। यह जांच की जानी चाहिए कि मूवमेंट के रास्ते में आईईडी लगी है या नहीं।

संवेदनशील जगहों पर काम करनेवाले एसपीओ को सुरक्षा देने, रेलवे लाइन सुरक्षित रहें इसके लिए रेलवे अथॉरिटी के साथ जांच-पड़ताल करने को कहा गया है।

नक्सल क्षेत्र में पड़नेवाले नेशनल हाईवे या दूसरी प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रभावित न हो, इसको लेकर भी जिलों के एसपी को रणनीति बनाने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैनर-पोस्टर लगाये जाने की स्थिति में वहां बिना तैयारी नहीं जाने का निर्देश सुरक्षाबलों को दिया गया है।

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