आयुष चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग की रीड़ की तरह काम कर रहे हैं: सुदेश महतो

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रामगढ़: आयुष चिकित्सकों की समस्या के समाधान के लिए आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो विधानसभा में सवाल करेंगे। गुरुवार को यह घोषणा उन्होंने संघ के पदाधिकारियों से मिलने के बाद की।

सुदेश महतो ने कहा कि आयुष चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग की रीड़ की तरह काम कर रहे हैं। अगर वह खुद असहाय रहेंगे, तो दूसरों की सहायता कैसे करेंगे।

वह इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी पत्र लिखेंगे ताकि आयुष चिकित्सकों की जायज मांगे जल्द पूरी हो सके।

सुदेश महतो के आवासीय कार्यालय में आयुष चिकित्सक संघ के पदाधिकारी डॉ ऋतुराज पहुंचे थे।

उन्होंने आजसू सुप्रीमो से कहा कि पड़ोसी राज्य बिहार में आयुष चिकित्सकों को एलोपैथिक चिकित्सकों के समतुल्य वेतन मिलता है लेकिन झारखंड सरकार आयुष चिकित्सकों को कई लाभ से वंचित रख रही है।

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संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक ज्ञापन भी सौंपा था, जिसमें आयुष चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति उम्र 67 वर्ष करने, प्रतिवर्ष 10 फीसदी की वेतन वृद्धि करने, आयुष चिकित्सकों के रिक्त पदों पर बिना शर्त सीधी नियुक्ति करने, नियमित चिकित्सकों की तरह सभी प्रकार की सुविधाएं देने, ईपीएफ की कटौती और सेवा पुस्तिका खोलने, कोरोना संक्रमितों के ईलाज में लगे डॉक्टरों के निधन पर गरीब कल्याण योजना के तहत 50 लाख का मुआवजा देने व आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल थी लेकिन सरकार ने कोई पहल नहीं की।

आजसू सुप्रीमो को मांग पत्र सौंपने वालों में केंद्रीय महासचिव रोशन लाल चौधरी, केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देव शरण भगत, संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ ऋतुराज, जिला उपाध्यक्ष संजय बनारसी, रामगढ़ नगर सचिव नीरज मंडल आदि थे।

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