Jharkahdn Vidhansabha News: बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने विधानसभा में सेल द्वारा अधिग्रहित जमीन पर बसे गांवों की बदहाली का मुद्दा उठाया।
उन्होंने सदन में कहा कि अपनी जमीन देने के बावजूद विस्थापित ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और खानाबदोश जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
विस्थापितों का हक अब भी अधूरा
श्वेता सिंह ने बताया कि इन गांवों को अब तक पंचायती राज व्यवस्था में शामिल नहीं किया गया है। इससे लगभग 50 से 60 हजार लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। ग्रामीणों को बिजली, पानी, सड़क और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
सरकार ने जताई सहानुभूति, दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि इन गांवों को पंचायत सूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार से बातचीत करनी होगी।
हालांकि सरकार विस्थापितों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और जल्द ही सेल प्रबंधन से बातचीत कर इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की पहल करेगी।
सेल प्रबंधन से होगी सीधी बातचीत
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेल के अधिकारी उनसे मिलने आ रहे हैं। अधिग्रहित इलाकों के रखरखाव और सुविधाओं की बहाली को लेकर उनसे बातचीत की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार से कई बार मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।