मां की जद्दोजहत, सच है मां ऐसी ही होती है…

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लातेहार: मां की ममता अपने बेटे के लिए कुछ भी कर गुजरने को तत्पर रहती है। चाहे इसके लिए उसे कुछ भी क्यों न करना पड़े। ये हैं लातेहार जिले के चेतमा उप स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम मानती कुमारी।

पीठ पर डेढ़ साल की बेटी की जिम्मेदारी, कंधे पर मासूमाें की सुरक्षा का फर्ज उठाए उफनाती नदी काे पार कर वैक्सीन देने जा रही हैं। झारखंड में इन दिनाें बच्चाें के लिए निमाेनिया टीकाकरण चलाया जा रहा है।

मानती के कार्यक्षेत्र में एक भी बच्चा टीका से न छूटे, इसके लिए सुबह 9 बजे ही घर से निकल जाती हैं।

बेटी छाेटी है। पति ड्यूटी पर रहते हैं। घर में कोई और नहीं है। इसलिए बेटी को भी मानती अपने साथ रोज ले जाती हैं।

उन्हें प्रतिदिन महुआडांड़ स्थित अपने घर से 20 किमी की दूरी तय कर 3-4 किमी पैदल चल अक्सी पंचायत के तिसिया, गोयरा, सुगाबांध आदि गांव जाना होता है।

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हालांकि उनके साथ मदद के लिए उनके पति सुनील उरांव भी होते हैं। क्योंकि बच्ची को घर पर अकेला नहीं छोड़ सकती हैं।

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