JPSC घोटाले में साजिशकर्ताओं पर कसता शिकंजा, अग्रिम जमानत की जद्दोजहद जारी

Digital Desk
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Jpsc Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के बहुचर्चित प्रथम सिविल सेवा भर्ती घोटाले में आरोपी अफसरों पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है।

घोटाले में चार्जशीटेड AC राम नारायण सिंह, ADM विधि-व्यवस्था राजेश्वर नाथ आलोक समेत सात आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर CBI कोर्ट में 3 मार्च को सुनवाई होगी।

कौन-कौन हैं आरोपी?

इस मामले में राम नारायण सिंह और राजेश्वर नाथ आलोक के साथ पूनम कच्छप, विजय बहादुर सिंह, अनिल कुमार यादव, डॉ. समरिता कुमारी और विजय प्रसाद सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की है।

CBI की सख्ती

CBI कोर्ट ने अब तक 11 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

16 जनवरी को अदालत ने 47 भ्रष्ट अफसरों समेत कुल 74 लोगों के खिलाफ समन जारी किया था।

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क्या है पूरा मामला?

JPSC प्रथम सिविल सेवा परीक्षा में व्यापक पैमाने पर धांधली के आरोप लगे थे।

इस घोटाले में अफसरों पर पैसे लेकर उम्मीदवारों का चयन करने का आरोप है।

मामले की जांच में CBI ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे।

अब क्या होगा आगे?

अगर आरोपियों को अग्रिम जमानत नहीं मिलती है, तो उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ जाएगी।

अदालत में अगली सुनवाई के दौरान CBI अपने पक्ष में और पुख्ता सबूत पेश कर सकती है।

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