झारखंड में ‘यास’ ने दी दस्तक, तेज हवा के साथ हो रही बारिश ; जाने कहां क्या हुआ

Digital News
7 Min Read

रांची: झारखंड में भी चक्रवाती तूफान यास ने दस्तक दे दी है।इसका राज्य के कई जिलों में असर भी दिखने लगा है।

बंगाल की खाड़ी में आये चक्रवाती तूफान यास का असर राज्य में मंगलवार से ही दिखने लगा है। तूफान का व्यापक असर 28 मई तक पूरे राज्य में रहेगा।

इस दौरान राज्य के कई जिलों में भारी बारिश होगी। वहीं, हवा की गति 100 से लेकर 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

राजधानी रांची में बुधवार सुबह से ही बारिश हो रही है।

मौसम केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि चक्रवाती तूफान यास झारखंड में इसका व्यापक असर पड़ेगा।

- Advertisement -
sikkim-ad

झारखंड के रांची, रामगढ़, गुमला और खूंटी जिले में तेज बारिश होगी। 27 मई को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम के साथ-साथ रांची और आसपास के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है।

वहीं, 28 मई को गुमला, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, गढ़वा, चतरा में भारी बारिश की संभावना है।

उन्होंने बताया कि 29 मई से राज्य में चक्रवाती तूफान यास का असर खत्म होने लगेगा।

सबसे अधिक असर कोल्हान और उसके आसपास के जिलों में होगा। कोल्हान क्षेत्र में जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है।

वहीं, हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, ताकि समय रहते सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।

चक्रवाती तूफान के कारण तेज हवा पेड़ों को उखाड़ रही है।

ऐसा ही नजारा पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत चाकुलिया- मटियाना मार्ग स्थित लोधासोली के पास देखने को मिला।

तेज हवा के कारण लोधासोली के पास सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन ठप हो गया।

इसकी सूचना प्रशासन को मिली। इसके बाद तत्काल सड़क पर गिरे पेड़ को हटाना शुरू किया गया।

जगन्नाथपुर-जैंतगढ़ के बेलपोसी में पास पेड़ गिरा, आवागमन ठप

तूफान यास के कारण तेज हवा से पश्चिमी सिंहभूम में जगन्नाथपुर-जैंतगढ़ के बेलपोसी में विशाल पेड़ गिरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।

इसकी जानकारी मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार मौके पर पहुंचे।

यहां पहुंचा कर बीडीओ संतोष कुमार ने सड़क से पेड़ को हटाने का काम शुरू कराया, ताकि आवागमन सुचारू रूप से हो सके।

बदल गयी है चक्रवाती तूफान की दिशा

चक्रवाती तूफान यास के बुधवार को ओडिशा के तट पर टकराने के बाद झारखंड की ओर उसकी दिशा होगी।

पहले जहां इस तूफान के बोकारो-धनबाद जिले के नजदीक से गुजरने की संभावना जतायी गयी थी, वहीं अब इसकी दिशा थोड़ी बदल गयी है।

अब पूर्वी सिंहभूम से रांची के पश्चिमी हिस्से से गुमला की ओर चला जायेगा।

दिशा बदलते ही तूफान का कोयलांचल से इसका फासला बढ़ जायेगा, जिससे सीधे तौर पर तूफान का खतरा कुछ कम होगा।

हालांकि, तेज हवा चलने और भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

गुमला में मूसलाधार हो रही है बारिश

गुमला जिले के भरनो में चक्रवाती तूफान यास का असर दिखने लगा है। तेज हवा के साथ रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही है।

बुधवार की सुबह करंज पंचायत के ओलमोरा गांव में अचानक बिपैत मुंडा के घर में एक बड़ा बरगद का पेड़ टूटकर गिर गया, जिससे घर को आंशिक क्षति पहुंची।

उस वक्त घर में पत्नी व 6 बच्चे भी थे। सभी लोग बाल-बाल बचे। साथ ही पेड़ गिरने से बिजली का खंभा और तार टूटकर गिर गया।

बंगाल की खाड़ी में आये चक्रवात यास की सक्रियता बुधवार से बढ़ गयी।

बुधवार सुबह से ही बोकारो व आसपास के जिलों में आसमान में बादल गरज रहे है।

तेज हवाएं चल रही है। कहीं-कहीं बारिश हो रही है। मौसम साफ नहीं है। अंधेरा छाया हुआ है। रुक-रुक कर हल्की बारिश भी हो रही है।

सरायकेला एसपी ने सर्तक रहने की अपील की

चक्रवाती तूफान यास को लेकर सरकार समेत जिला प्रशासन सचेत है।

सरायकेला- खरसावां के एसपी अर्शी ने चक्रवाती तूफान से बचने की अपील लोगों से की है। उन्होंने लोगों से घरों में ही रहने को कहा है।

साथ ही बारिश के समय खुद को कैसे बचायें इसके बारे में भी कहा।

इसके अलावा परेशानी होने पर मदद के मामले में घबराएं नहीं, बल्कि नजदीकी सहायता केंद्र और पुलिस स्टेशन से संपर्क करने की बात कही।

यास को लेकर धनबाद और बोकारो में विशेष सतर्कता

चक्रवाती तूफान यास को लेकर धनबाद जिले के सभी अंचलों में जानमाल की क्षति रोकने के लिए हर संभव कदम उठाये गये हैं।

हर प्रखंड व अंचल में आपदा विभाग की गाइडलाइन के अनुसार तैयारी की गयी है।

डीसी सह जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार अध्यक्ष उमा शंकर सिंह ने बताया कि जान-माल की सुरक्षा को लेकर कई निर्देश जारी किये गये हैं।

साथ ही सभी हॉस्पिटल, जहां मरीज भर्ती हैं वहां बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए जेनरेटर की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है।

तूफान के कारण सड़कों पर पेड़ गिरने की स्थिति में आवश्यक कदम उठाने, ऑक्सीजन प्रोडक्शन तथा ऑक्सीजन रीफिलिंग इकाइयों के साथ-साथ अन्य को आवश्यक सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

पूर्वी सिंहभूम में गुरुवार तक दुकानें रहेंगी बंद

चक्रवाती तूफान यास की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम डीसी सूरज कुमार ने 27 मई की सुबह 6 बजे तक सभी बाजार और दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।

इस दौरान मेडिकल की दुकानें खुली रहेंगी। वहीं, लोगों का आवागमन केवल चिकित्सीय कारणों से हॉस्पिटल जाने या दवा लेने के लिए हो सकेगा।

दूसरी ओर, एसएसपी डॉ एम तमिल वाणन ने बताया कि जिले में एनडीआरएफ की दो टीमों को पुलिस के साथ लगाया गया है।

एक टीम को घाटशिला और दूसरी टीम को बहरागोड़ा में तैनात किया गया है।

Share This Article