रामगढ़ सड़क दुर्घटना : लाशों की कतार देख फट गया कलेजा, पांच दोस्तों का हुआ अंतिम संस्कार

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रामगढ़: रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-23 पर बर्निंग वैगनआर कार में जान गंवाए पांच दोस्तों का अंतिम संस्कार हुआ।

गुरुवार की सुबह सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतकों के परिजनों में इतनी हिम्मत नहीं बची थी कि वे बुरी तरह झुलसी हुई लाशों को लेकर अपने घर के आंगन तक ले जा सके।

कलेजे पर पत्थर रखकर रामगढ़ के दामोदर नदी तट पर मुक्तिधाम में ही उनका अंतिम संस्कार किया

उन लोगों ने अपने कलेजे पर पत्थर रखकर रामगढ़ के दामोदर नदी तट पर मुक्तिधाम में ही उनका अंतिम संस्कार किया।

बोलेरो गाड़ी से रामगढ़ पहुंचे मृतकों के परिजनों की हालत इतनी बुरी थी कि उनके हलक से आवाज तक नहीं निकल पा रही थी।

रजरप्पा मां छिन्नमस्ता के दरबार में पूजा अर्चना करने जा रहे पांचों दोस्तों की रास्ते में ही सड़क दुर्घटना में विभत्स मौत ने सभी को अंदर तक झकझोर दिया था।

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कलेजे पर पत्थर रखकर रामगढ़ के दामोदर नदी तट पर मुक्तिधाम में ही उनका अंतिम संस्कार किया

बिहार के फुलवारीशरीफ इलाके के रहने वाले पांचों दोस्त आर्यन राज उर्फ गोलू, आलोक कुमार, मुन्ना कुमार, किशोर कुमार और राहुल कुमार की चिता जब एक साथ सजी, तो उसे देखने वाले लोगों का कलेजा भी मुंह को आ गया।

शरीर का कुछ अंश ही शेष रह गया था

बुधवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में पांचों युवकों का शरीर इस कदर झुलस गया था कि उनको पहचान पाना भी मुश्किल हो रहा था।

पहले तो पुलिस ने उन सभी की पहचान के लिए उनका डीएनए भी प्रिजर्व किया था।

शरीर का कुछ अंश ही शेष रह गया था

पांचों युवकों के परिजन देर रात रामगढ़ पहुंचे तो शवगृह में रखें सभी लाशों की पहचान कर ली गई।

शरीर का कुछ अंश ही शेष रह गया था। इससे पहचानने में परिजनों को काफी कठिनाइयां हो रही थी।

आलोक की पहचान उनके शरीर के अंदर थोड़ा बचे हुए ब्लू कलर के अंडरगारमेंट्स से हुआ

आलोक की पहचान उनके शरीर के अंदर थोड़ा बचे हुए ब्लू कलर के अंडरगारमेंट्स से हुआ

आलोक के चचेरे भाई नीतीश कुमार ने बताया कि आलोक की पहचान उनके शरीर के अंदर थोड़ा बचे हुए ब्लू कलर के अंडरगारमेंट्स से हुआ।

जबकि गोलू और राहुल की पहचान शरीर के आकार (मोटे और पतले) से की गई। मुन्ना कुमार राय के भाई उदय कुमार ने रजरप्पा थाने में इस मामले में प्राथमिकी कराई है।

ब्रह्मपुर, रानीपुर और बोचाचक के गांव में गुरुवार को भी मातमी सन्नाटा पसरा रहा

दूसरी तरफ घटना में पांचों युवकों के परिजनों की स्थिति यह है कि कोई अपने बेटे तो कोई अपने पति के अंतिम दर्शन को तरस गया।

परिजनों ने सपने में भी यह नहीं सोचा था कि घर से पूजा करने के लिए बोलकर निकला उनका बेटा कभी नहीं घर लौटेगा।

ब्रह्मपुर, रानीपुर और बोचाचक के गांव में गुरुवार को भी मातमी सन्नाटा पसरा रहा

गुरुवार को भी पांचों युवकों के घरों पर चूल्हा तक नहीं जला। ब्रह्मपुर, रानीपुर और बोचाचक के गांव में गुरुवार को भी मातमी सन्नाटा पसरा रहा।

गौरतलब है कि फुलवारीशरीफ बोचाचक से आलोक कुमार, ब्रह्मपुर से राजकिशोर राय, मुन्ना राय, रानीपुर फुलवारीशरीफ से आर्यन कुमार उर्फ गोलू एवं नोहसा से राहुल कुमार अपनी गाड़ी वैगनआर से रजरप्पा स्थित मंदिर पूजा करने निकले थे।

इसी बीच रजरप्पा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 23 पर उनकी कार की बस से टक्कर हो गई और कार में आग लगने से पांचों युवकों की मौत घटनास्थल पर ही गाड़ी में झुलस कर मौत हो गई थी।

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