रांची: झारखंड ऑप्थलमोलॉजिकल सोसायटी ने वैश्विक महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभाने वाले नेत्र चिकित्सकों को समारोह आयोजित कर कोरोना वॉरियर सम्मान दिया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता उपस्थित थे।
सोसायटी के सचिव डॉ बिभूति भूषण ने कोरोना वॉरियर सम्मान से सम्मानित हुए सभी नेत्र चिकित्सकों, शहीद हुए चिकित्सक एवं पिछली वार्षिक वर्चुअल कांफ्रेंस के गोल्ड मेडल विजेताओं का संक्षिप्त विवरण सम्मान समारोह के दौरान दिया।
कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किये बिना निरंतर कार्य करने वाले नेत्र चिकित्सकों को स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं शाल देकर सम्मानित किया गया।
इस समारोह में कोरोना वॉरियर सम्मान से सम्मानित होने वाले चिकित्सकों में डॉ नागेंद्र पंडित, डॉ भरत सिंह, डॉ आशिमा रानी तिग्गा, डॉ प्रियंका प्रियदर्शी, डॉ प्रीतीश प्रोनोय सहित कुल 45 चिकित्सक शामिल हैं।
मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड ऑप्थमोलीजिकल सोसायटी द्वारा कोरोना के इस वैश्विक संकट काल में अतुलनीय भूमिका निभाई गई हैं जिसकी जितनी प्रसंशा की जाए वो कम है।
कोरोना काल में जब मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी तो नेत्र चिकित्सकों ने आगे बढ़ कर आईसीयू और सीसीयू की जिम्मेदारी संभाली।
पूरी तन्मयता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाई। जब स्ट्रोइड और ऑक्सीजन में युक्त होने वाले दूषित पानी के कारण होने वाले ब्लैक फंगस की बीमारी आई तो आप सभी की भूमिका बढ़ गई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की महिला विंग की प्रेसिडेंट डॉ भारती कश्यप के सहयोग से हमने वेबिनार का आयोजन कर ब्लैक फंगस के इलाज के लिए विश्व के कई विशेषज्ञों की टीम के साथ संबंध स्थापित करते हुए इसके इलाज के लिए सूचनाओं का आदान प्रदान किया।
यही नहीं हमनें पोस्ट कोविड मरीजों के उचित सलाह और ट्रीटमेंट के लिए भी एक हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत की जिसके माध्यम से हजारों लोगों ने अपने नेत्र संबंधित बीमारियों की उचित चिकित्सीय परामर्श लिया।
उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के बारे में कई लोगों को डर था लोगों ने इस हेल्पलाइन नंबर से अपने सवालों की सटीक जानकारी प्राप्त की और उन्हें बेहतर सलाह के साथ ही चिकित्सा सेवा भी मुहैया कराई गई जिसके लिए वह डॉ भारती कश्यप एवं पूरे नेत्र चिकित्सकों की टीम को बधाई और धन्यवाद देते हैं।
राज्य में तीसरी लहर की आशंका के बीच हम अपनी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहे हैं।
बच्चों के संक्रमण को रोकने के लिए हम चाइल्ड और मदर स्पेशलिस्ट केअर सेंटर बना रहे हैं। पीकू और एनआईसीयू की व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
ऑक्सीजन की कमी न हो इसके लिए भी सरकार कार्यरत हैं लेकिन आप सभी से भी अनुरोध है कि तैयारी में जुट जाएं जिस तरह हमने प्रथम और दूसरी लहर में अपनी भूमिका निभाई है उसी तरह तीसरी लहर से भी जंग हमे लड़ने की आवश्यकता है।
मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर उन्होंने कहा कि इसे लेकर विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। सरकार चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।