Remdesivir Black Marketing : सरकारी गवाह बनाए गए ग्रामीण एसपी नौशाद आलम, CID ने दो लोगों के खिलाफ दायर की चार्जशीट

News Aroma Media
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रांची: Remdesivir Black Marketing अपराध अनुसंधानविभाग (CID) ने रेमडेसिविर कालाबाजारी के मामले में दो लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।

सीआईडी ने सोमवार को पूर्व में गिरफ्तार कांके रोड निवासी राजीव सिंह और हिनू के सृष्टि अस्पताल के कर्मी मनीष सिन्हा के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।

रेमडेसिविर Remdesivir कालाबाजारी मामले की जांच सीआईडी के निवर्तमान एडीजी अनिल पालटा के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम कर रही है।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने इस मामले से जुड़ी जनहित याचिका पर बीते 21 जून को सुनवाई के दौरान अदालत को बताया था कि सरकार इस मामले की जांच एसआईटी से करवाने के पक्ष में है और उस एसआईटी का नेतृत्व वरीय आईपीएस अधिकारी अनिल पालटा को ही बनाए रखने का निर्देश दिया था।

अदालत ने राज्य सरकार के इस प्रपोजल को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि एसआईटी अपनी पुरानी टीम के साथ जांच जारी रखें और समय-समय पर जांच की विस्तृत रिपोर्ट अदालत को सीलबंद लिफाफे में दे।

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सरकारी गवाह बनाए गए ग्रामीण एसपी नौशाद आलम

रेमडेसिविर Remdesivir कालाबाजारी मामले में रांची के ग्रामीण एसपी नौशाद आलम और अरगोड़ा चौक स्थित दवा दुकान मेडिसीन प्लांट के संचालक राकेश रंजन को गवाह बनाया गया है।

ग्रामीण एसपी ने राजीव सिंह के जरिये गुड्डू को रेमडेसिविर उपलब्ध कराया था। यह बयान ग्रामीण एसपी के अंगरक्षक और चालक ने सीआइडी को दिया था।

इस मामले में कानूनी राय लेने के बाद ही सीआइडी ने ग्रामीण एसपी को गवाह बनाया है। इसमें कहा गया है कि ग्रामीण एसपी की मंशा रेमडेसिविर की कालाबाजारी में सहयोग करना नहीं, बल्कि किसी की जान बचाना था, इसलिए उनको गवाह बनाया गया है।

रेमडेसिविर Remdesivir कालाबाजारी मामला में सृष्टि अस्पताल की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। सीआईडी ने जांच की थी।

हिनू स्थित सृष्टि अस्पताल में भर्ती श्रवण कुमार और सुधीर मिंज के नाम पर रेमडेसिविर का आवंटन हुआ था।

लेकिन इन मरीजों को रेमडेसिविर नहीं दिया गया था। बाद में इसी रेमडेसिविर को अस्पताल के कर्मी मनीष सिन्हा द्वारा मेडिसिन प्वाइंट के संचालक राजेश रंजन को दिया गया था।

मालूम हो कि रेमडेसिविर की कालाबाजारी के आरोप में रांची पुलिस ने बीते 28 अप्रैल को राजीव सिंह को गिरफ्तार किया था।

इस मामले में कोतवाली थाना में मामला दर्ज हुआ था, जिसे सीआईडी ने टेकओवर किया था।

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