आदिवासी धर्म कोड लेना मेरा जन्म सिद्ध अधिकार: गीताश्री उरांव

News Aroma Media
2 Min Read

रांची: आदिवासी धर्म कोड (Religion Code) की मांग को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय आदिवासी धर्म परिषद के तत्वावधान में दिल्ली के जंतर मंतर मैदान में धरना दिया गया। इस धरना में झारखंड से कई लोग शामिल हुए।

धरना का नेतृत्व परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्वनाथ वाकडे ने की। जबकि संचालन मंच का संचालन राष्ट्रीय महासचिव प्रेम शाही मुंडा ने किया।

धरना में मुख्य अतिथि के रुप में झारखंड की पूर्व मंत्री और अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद की अध्यक्ष गीताश्री उरांव, सूर्य सिंह बेसरा आदि उपस्थित थे। धरना के बाद गृह मंत्री भारत सरकार एवं महारजिट्रार जनरल ऑफ इंडिया को ज्ञापन भी सौंपा गया।

जबकि पूरे भारतवर्ष में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई बौद्ध जैन यदि लोगों का अपना धर्म कोड है

मौके पर गीताश्री उरांव ने कहा कि आदिवासी धर्म कोड लेना मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है। भारत सरकार आदिवासियों के धर्म कोड के मामले पर अनदेखा कर रही है।

उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार आदिवासियों के धर्म कोड पर संज्ञान नहीं लेती है तो पूरे देश भर में सरकार के खिलाफ जन आंदोलन तेज किया जाएगा।

- Advertisement -
sikkim-ad

प्रेम शाही मुंडा ने कहा कि भारतवर्ष में आदिवासी समाज प्राकृतिक पूजक है और आदिवासियों की जनसंख्या हिंदू, मुस्लिम की जनसंख्या के बाद तीसरे स्थान पाया जाता है। जबकि पूरे भारतवर्ष में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई बौद्ध जैन यदि लोगों का अपना धर्म कोड है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी धर्म कोड लागू करना होगा। क्योंकि यह देश आदिवासियों का ही रहा है।

इस धरना में झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, गुजरात, महाराष्ट्र, आसाम, अरुणाचल प्रदेश आदि राज्यों के आदिवासी शामिल हुए।

Share This Article