रांची : झारखंड की चट्टानों में करोड़ों वर्षों में हुई भूगर्भीय हलचल का साक्ष्य छुपा है। ये चट्टानें करोड़ों वर्ष पूर्व प्री कैंब्रियन काल में निर्मित हुई हैं। शुक्रवार को ये बातें रांची यूनिवर्सिटी के भूगर्भ विज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ नीतीश प्रियदर्शी ने कहीं। उन्होंने विभाग के विद्यार्थियों के साथ शुक्रवार को टैगोर हिल, जोड़ा पहाड़ और चिरौंदी पहाड़ का निरीक्षण किया।

टीम ने सुबह नौ बजे से पहाड़ों का जियोलॉजिकल निरीक्षण शुरू किया और निरीक्षण के दौरान जेम स्टोन टूर्मलिन के होने के संकेत भी पाए। टूर्मलिन को सेल्फ हीलिंग के लिए लोग पहनते हैं। डॉ नीतीश प्रियदर्शी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि पहले लावा से चट्टानें बनीं, फिर लावा आया और उसके बाद एक बार फिर लावा आया। चट्टानों के निरीक्षण के दौरान विभाग की जिनिया और जुगनू प्रसाद के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी शामिल हुए।




