झारखंड के स्कूलों में कम होगा बच्चों के बस्ते का बोझ, हर शनिवार को बैगलेस डे…

बच्चों के व्यावसायिक रुझान को भी बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग हर शनिवार को बच्चों को बैग से मुक्त करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू कर रही है

News Aroma Media
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रांची : हेमंत सरकार स्कूली बच्चों के बैग (Children’s Bags) को हल्का करने के प्रति गंभीर है। इसके लिए झारखंड के 13664 माध्यमिक स्कूलों में नवंबर महीने से बैगलेस डे (Bagless Day) शुरू होगा।

बच्चों के व्यावसायिक रुझान को भी बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग हर शनिवार को बच्चों को बैग से मुक्त (Free From Bag) करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू कर रही है।

राज्य के 13664 स्कूलों के क्लास 6 से 8 तक के बच्चों के लिए यह कार्यक्रम चलाया जाएगा। उस दिन मिडिल स्कूलों के 1472615 बच्चे बिना बैग के स्कूल पहुंचकर एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में शामिल होंगे।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रोग्राम को ऑर्डिनेटर स्वप्निल कुजूर (Coordinator Swapnil Kujur) ने बताया कि बैगलेस डे में छठी, सातवीं और आठवीं क्लास के बच्चों को शामिल किया जाएगा।

बच्चों का कौशल विकास करने और उन्हें व्यावसायिक शिक्षा का महत्व बताने के लिए शुरू हो रहा यह कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण है।

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झारखंड के स्कूलों में कम होगा बच्चों के बस्ते का बोझ, हर शनिवार को बैगलेस डे…-The burden of children's bags will reduce in Jharkhand schools, every Saturday will be Bagless Day…

11 प्रकार की दी जाएगी व्यावसायिक शिक्षा

जानकारी के अनुसार, बैगलेस डे के दिन छात्रों को स्कूलों में योग, व्यायाम और खेलकूद की गतिविधियों के अलावा 11 तरह की व्यावसायिक शिक्षा की जानकारी दी जाएगी।

इसके लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्रों को हर बैगलेस डे के दिन इंडस्ट्रियल विजिट (Industrial Visit) पर ले जाया जाएगा। बच्चों को स्कूल के आसपास स्थिति इंडस्ट्रियल एरिया और अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों का दौरा कराया जाएगा।

मास्टर ट्रेनरों को दी जा रही ट्रेनिंग

बताया जा रहा है कि बैगलेस डे और व्यावसायिक शिक्षा (Bagless Day and Vocational Education) को लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

इसके लिए सभी जिलों के मास्टर ट्रेनरों को ट्रेनिंग दी जा रही है। 19 अक्टूबर तक सभी जिलों के तीन-तीन मास्टर ट्रेनर को ट्रेनिंग देकर उन्हें अपने-अपने जिलों में भेजा जाएगा। वहां जाकर ये मास्टर ट्रेनर (Master Trainer) अपने जिले के शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे।

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