रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने किसान आंदोलन को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शनिवार का चक्का जाम सरकार को चेतावनी है।
देश अब रुकेगा नहीं, देश अब आपको रोकेगा। देश अहंकार को सबक सिखाने का निर्णय कर चुका है।
झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने शनिवार को बरियातू स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री को कृषि कानून वापस लेने का निर्णय करना चाहिए।
वहीं एक समिति बनाकर किसान जो चाहें उसके अनुरूप कानून बनाना चाहिए जिसमें एमएसपी की बात भी हो।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कृषि मंत्री ने बड़ी बातें कही कि कृषि कानून जिसे किसान काला कह रहे हैं उसमें काला क्या है, इसका जवाब यह है कि भाजपा की नीयत काली है।
सोच और कारनामे काले हैं। उन्होंने कहा कि जो तीन नये कृषि कानून बने हैं उसमें सबसे खतरनाक एस्मा का हटना है।
इसके जरिये अनाजों के भंडारण की अपर लिमिट समाप्त कर दी गयी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि मैं किसानों से बस एक फोन कॉल की दूरी पर हूं तो वे किसानों से बात क्यों नहीं करते।
भाजपा 11 बार किसान प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाती है और कहते हैं कि हम कानून सस्पेंड कर सकते हैं, यही कालापन है।
उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को रद्द करने तक किसान सीमा पर डटे रहेंगे और झामुमो भी किसानों के साथ है।