आलाकमान के आगे झुक गए कर्नाटक के डिप्टी CM DK शिवकुमार, वरना…

गौरतलब है ‎कि कांग्रेस पार्टी को कर्नाटक में मिली शानदार जीत के बाद भी अपना मुख्यमंत्री चुनने में कई दिन लग गए

News Aroma Media
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बेंगलुरु: कर्नाटक के ‎डिप्टी CM डीके ‎शिवकुमार (CM DK Shivakumar) ने चुप्पी तोड़ते हुए वह राज खोल ‎दिया है, ‎जिसके कारण उन्होंने CM की जगह ‎डिप्टी CM बनना स्वीकार ‎किया है। उन्होंने कहा ‎कि आलाकमान के कहने पर उन्हें झुकना पड़ा।

गौरतलब है ‎कि कांग्रेस पार्टी (Congress Party) को कर्नाटक में मिली शानदार जीत के बाद भी अपना मुख्यमंत्री चुनने में कई दिन लग गए।

CM पद से चूकने वाले नए नवेले उपमुख्यमंत्री DK Shivakumar ने रामनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने उन्हें कुछ सलाह दी है। इसके बाद उन्होंने CM बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को छोड़ दिया।

CM पद के लिए किसी एक नेता को चुनने में चार दिन लग गए

शिवकुमार (Shivkumar) ने जनता से कहा ‎कि आपने मुझे मुख्यमंत्री बनाने के लिए बड़ी संख्या में वोट दिया, लेकिन आलाकमान ने एक निर्णय लिया। वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुझे कुछ सलाह दी। मुझे उनकी सलाह के आगे झुकना पड़ा। आप धैर्य रखें और प्रतीक्षा करें। आप जो चाहते हैं उसे व्यर्थ नहीं जाने देंगे।

‎ कर्नाटक में शानदार जीत के बाद भी दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान को गतिरोध तोड़ने और सिद्धारमैया और शिवकुमार (Siddaramaiah and Shivakumar) में से CM पद के लिए किसी एक नेता को चुनने में चार दिन लग गए।

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आलाकमान के आगे झुक गए कर्नाटक के डिप्टी CM DK शिवकुमार, वरना…-Karnataka Deputy CM DK Shivakumar bowed down before the high command, otherwise…'

इस लड़ाई में सिद्धारमैया की जीत हुई

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) द्वारा दोनों नेताओं के साथ कई दौर की चर्चा की गई। सत्ता के बंटवारे को लेकर गतिरोध जारी रहा। दोनों नेताओं ने दावेदारी ठोकी थी।

इस लड़ाई में सिद्धारमैया की जीत हुई। डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) को डिप्टी CM के पद से संतोष करने पड़ा। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने डीके शिवकुमार को दो ऑफर दिए।

पहला विकल्प शिवकुमार को डिप्टी CM के साथ-साथ कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख के पद पर बनाए रखना था। उन्हें उनकी पसंद के छह मंत्रालयों की भी पेशकश की गई थी। वहीं, दूसरे Offer में उन्हें ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी शेयर (Chair Share) करना था।

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