महिलाओं को हेडस्कार्फ पहनने पर पाबंदी का विचार कर रहा कजाकिस्तान, कुछ देश…

साल 2021 की जनगणना के मुताबिक, कजाकिस्तान की लगभग 65 फीसद आबादी मुस्लिम है, जबकि 20 फीसद की पहचान ईसाई के तौर पर है

News Aroma Media
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Ban on Hijab : बहुत सारे इस्लामी देशों में बिना हिजाब महिलाओं को बाहर घूमने की इजाज़त नही (Hijab Ban) है।

लेकिन, मुस्लिम बहुल देश कजाकिस्तान इससे निपटने के लिए अपनी कोशिशों के तहत पब्लिक प्लेस पर इस्लामी हेडस्कार्फ़ (Islamic Headscarf) पहनने पर संभावित पाबंदी पर विचार कर रहा है। लेकिन, कुछ देशों को ये निर्णय पसंद नहीं।

महिलाओं को हेडस्कार्फ पहनने पर पाबंदी का विचार कर रहा कजाकिस्तान, कुछ देश…-Kazakhstan is considering banning women from wearing headscarf, some countries…

कुछ देशों ने लगाई पाबंदी

साल 2021 की जनगणना के मुताबिक, कजाकिस्तान (Kazakhstan) की लगभग 65 फीसद आबादी मुस्लिम है, जबकि 20 फीसद की पहचान ईसाई के तौर पर है।

ख्याल रहे कि हाल के सालों में ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सहित कई देशों में मजहबी कपड़े पहनने को लेकर बहस सामने आई है।

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पिछले महीने, फ्रांस की सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में औरतों के अबाया पहनने पर पाबंदी बरकरार रखी थी। हिजाब को लेकर भारत में भी खूब हंगामा हो चुका है।

महिलाओं को हेडस्कार्फ पहनने पर पाबंदी का विचार कर रहा कजाकिस्तान, कुछ देश…-Kazakhstan is considering banning women from wearing headscarf, some countries…

किसने दी इसकी जानकारी?

संस्कृति और सूचना मंत्री ऐडा बालायेवा (Aida Balayeva) ने शुक्रवार को अस्ताना में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इशारा दिया कि अफसर मौजूदा कानूनों का रिव्यू कर रहे हैं।

जब बालायेवा से पूछा गया कि क्या सरकार इस्लामिक हेडस्कार्फ़ और दूसरी मजहबी पोशाक पहनने पर रोक लगाने के बारे में सोच रही है? तो उन्होंने जवाब दिया कि “यकीनन हम पब्लिक प्लेस की जांच करेंगे और इस तरह का प्रस्ताव देंगे।

ऐसे नियम दुनिया भर में लागू किए जाते हैं क्योंकि ये राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होता है। पब्लिक प्लेस पर लोगों के चेहरे ढके होने पर उनकी पहचान करना बहुत मुश्किल हो जाता है।”

महिलाओं को हेडस्कार्फ पहनने पर पाबंदी का विचार कर रहा कजाकिस्तान, कुछ देश…-Kazakhstan is considering banning women from wearing headscarf, some countries…

NGO करेगा मदद

उन्होंने आगे कहा, “मंत्रालय इस बारे में कानून को मजबूत करने में शामिल होगा,” इन उपायों को गैर-सरकारी संगठनों और मजहबी स्कॉलर (Non-Governmental Organizations and Religious Scholars) सहित जानकारों की मदद से आगे बढ़ाया जाएगा।”

 

कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव (Kassym-Jomart Tokayev) ने गुरुवार को टीचर्स के एक ग्रुप से खिताब करते हुए देश के संविधान में दर्ज धर्मनिरपेक्षता की अहमियत पर जोर दिया।

उन्होंने जोर देकर कहा, “इस उसूल को तालीम  सहित सभी महकमों में सख्ती से बरकरार रखा जाना चाहिए।”

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