झारखंड में रैयती जमीन को वन भूमि बताकर कब्जा कर रहा है वन विभाग, हेमंत सोरेन ने दिया जांच कर कार्रवाई करने का आदेश

News Aroma Media
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खूंटी: खूंटी वन प्रमंडल के रनिया के रेंज अधिकारी द्वारा रैयती जमीन को वन भूमि बताकर ग्रामीणों को पेरशान किया जा रहा है। सरना स्थलों को भी वन विभाग अपनी जमीन बता रहा है।

इसके कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। झामुमो के जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर मामले की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए खूंटी के उपायुक्त को मामले की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन भूमि को वन विभाग अपना बता रहा है, उसका कोई कागजात विभाग के पास नहीं है।

इस मामले को लेकर रनिया प्रखंड के डाहू गांव में ग्रामीणों की शुक्रवार को बैठक भी आयोजित की गयी और वन विभाग की कार्रवाई का पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया गया।

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इस संबंध में झामुमो के जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद ने कहा कि वन विभाग के रेंज अधिकारी का व्यवहार ग्रामीणों के साथ अच्छा नहीं है।

उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा तोरपा, तपकारा और रनिया क्षेत्र में रैसती जमीन को वन विभाग अपनी भूमि बताकर कब्जा कर रहा है।

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