कई आदिवासी संगठनों ने बालू घाटों का टेंडर कैंसिल करने की उठाई आवाज, अन्य…

ज्ञापन में कहा गया है कि केटेगरी एक के बालू घाटों के MDO  चयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा अल्पकालिक वित्तीय निविदा आमंत्रित की गई थी

News Aroma Media
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Sand Ghats Tender Canceled : जिले के बारीगड़ा तथा सरगेया के बालू घाटों की निविदा रद्द (Tender for sand ghats canceled) करने सहित अन्य मांगों को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों ने गुरुवार को समाहरणालय के समक्ष धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।

धरना-प्रदर्शन के बाद मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि केटेगरी एक के बालू घाटों के MDO  चयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा अल्पकालिक वित्तीय निविदा आमंत्रित की गई थी। केटेगरी ए के अंतर्गत सरगेया मौजा तथा केटेगरी बी के अंतर्गत बारीगड़ा मौज को रखा गया है।

दोनों मौजा अड़की प्रखंड की सरगेया पंचायत में आते हैं। ये दोनों मौज पूर्णता खुटकट्टी क्षेत्र में पड़ते है।ं ज्ञापन में कहा गया है कि निविदा रद्द करने को लेकर ग्राम सभा द्वारा नौ दिसंबर को भी ज्ञापन सौंपा गया था।

ग्रामसभा स्वयं बालू घाटों का संचालन करेगी

ज्ञापन में लघु खनिजों के लिए ग्रामसभा द्वारा योजना (Gram Sabha Planning ) तैयार करने, मिट्टी, बालू, मोरम सहित क्षेत्र में पाई जानेवाली लघु खनिजों के लिए योजना बनाने और उपयोग करने के लिए ग्राम सभा सक्षम होगी। ग्रामसभा के निर्देश और नियंत्रण में सार्वजनिक और प्राकृतिक संपदा प्रबंधन समिति इस जिम्मेवारी को निभाएगी।

बालू घाट जिस गांव की सीमा के अंतर्गत आता है, उसका सीमांकन जिला खनन पदाधिकारी, सहायक खनन पदाधिकार द्वारा कराकर उसे ग्रामसभा को समर्पित किया जाना चाहिए।

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ग्रामसभा स्वयं बालू घाटों का संचालन करेगी अथवा अपने स्तर से स्थानीय जरूरत के लिए इस्तेमाल कर सकेगी। बालू घाटों के इस्तेमाल से जो राजस्व प्राप्त होगा, उसे ग्रामसभा अपने कोष में जमाकर इस राशि का व्यय ग्राम विकास के लिए करेगी।

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